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एक्सप्रेस-वे पर डकैती की वारदात, दो लोगों को मारी गई गोली

अलीगढ़ के टप्पल इलाके में यमुना एक्सप्रेस-वे के पास बुलंदशहर हाईवे जैसी वारदात सामने आई है। असलहों से लैस बदमाशों ने पहले रिटायर्ड डीआईजी के फार्महाउस में रहने वाली महिला और उसकी भतीजी को बंधक बनाकर उन्हें घंटो टॉर्चर किया और फिर डकैती डाली। इसके बाद रात करीब दो बजे दिल्ली से लखनऊ जा रही बस को एक्सल फेंककर रोका और यात्रियों से लूटपाट की। बदमाशों ने विरोध कर रहे दो यात्रियों को गोली मारकर और एयरफोर्स के एक जवान को तमंचे की बट से जख्मी कर दिया। वारदात के दौरान गैंगरेप की बात भी सामने आई है, पर इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने इस मामले में दो मुकदमे दर्ज किए हैं। यूपी एसटीएफ की तीन टीमें अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगाई गई हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

50 लाख रुपये की डकैती की थी योजना
जानकारी के मुताबिक एक्सप्रेस-वे से सटे टप्पल के जिकरपुर के पास हिमाचल प्रदेश काडर के रिटायर्ड डीआईजी आरके सिंह का फार्महाउस है। शनिवार देर रात करीब 10 बजे सात से आठ बदमाश फार्महाउस में घुस आए। उस दौरान फार्महाउस का चौकीदार, साफ-सफाई करने वाली महिला और उसकी भतीजी मौजूद थे। बदमाशों ने तीनों को बंधक बनाकर घर में रखे 50 लाख रुपये के बारे में पूछना शुरू कर दिया। महिला और युवती द्वारा रुपये के बारे में जानकारी से इनकार करने पर बदमाशों ने उन्हें जमकर टॉर्चर किया। करीब चार घंटे बाद भी बदमाशों को जब कुछ हाथ नहीं लगा तो वे महिला और युवती के जेवरात, वहां रखे करीब 25 हजार रुपये और अन्य सामान लूट ले गए।

एयरफोर्स के जवान का सिर फोड़ा

इसके बाद बदमाशों ने एक्सप्रेस-वे पर माइलस्टोन संख्या 52 के पास रात करीब ढाई बजे दिल्ली से लखनऊ जा रही सवारियों से भरी बस को एक्सल फेंककर पंक्चर कर दिया। चालक और कंडक्टर टायर बदलने लगे और कुछ सवारियां नीचे उतर आईं। इसी बीच बदमाशों ने बस को घेर लिया। बस में सवार कुछ यात्रियों ने बदमाशों का विरोध किया तो उन्होंने फर्रुखाबाद के मोती नगला निवासी राज और मैनपुरी के बढावनपुर के पूरन को गोली मार दी। दोनों जख्मी हो गए। बस में सवार एयरफोर्स के जवान विवेक यादव ने बदमाशों का विरोध किया जिस पर तमंचे की बट से उसे भी गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। डकैती के बाद बदमाश आराम से निकल गए। इसके बाद ड्राइवर बस को लेकर आगे बढ़ा और माइलस्टोन संख्या 63 के पास वहां मौजूद नौहझील थाने की पुलिस पिकेट को डकैती की सूचना दी। घटना की जानकारी होने पर मथुरा और अलीगढ़ पुलिस मौके पर पहुंच गईं। घायलों को नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

महिला और युवती का मेडिकल कराने से इनकार
शुरुआत में पुलिस को एक महिला और युवती के साथ गैंगरेप की सूचना भी मिली, लेकिन अलीगढ़ स्थित अस्पताल पहुंची महिला और युवती ने इसे खारिज करते हुए मेडिकल कराने से इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने बदमाशों द्वारा रुपयों के लिए टॉर्चर किए जाने की बात कबूली है। पुलिस ने महिला के पति की शिकायत पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। एक एफआईआर बस के चालक की तरफ से दर्ज कराई गई है।

बुलंदशहर कांड जैसा काम करने का तरीका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक्सप्रेस-वे के पास हुई वारदात का तरीका पूरी तरह से बुलंदशहर कांड से मिलता जुलता है। जैसे बुलंदशहर में एक्सल का इस्तेमाल कर कई वारदात की गईं, वैसे ही एक्सप्रेस-वे में भी एक्सल का इस्तेमाल हुआ। बदमाशों ने महिला, युवती व चौकीदार को बंधक बनाकर काफी पीटा। यहां भी बदमाशों की संख्या सात से आठ थी। दरअसल बुलंदशहर और उसके आसपास के इलाके में इस तरह की कई वारदातें पुलिस ने दबाई हैं या ज्यादातर का गलत खुलासा किया है। इसकी वजह से वारदात करने वाले असली गैंग पकड़े नहीं गए। बुलंदशहर कांड का जो खुलासा हुआ उस पर भी कई सवाल उठे जिसके बाद मामले की जांच सीबीआई को दे दी गई। इस केस में एसटीएफ की नोएडा, आगरा और अलीगढ़ यूनिट को लगाया गया है।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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