उत्तर प्रदेश

UP में कांग्रेस के बसपा से भी गठबंधन के रास्ते खुले रखे

नई दिल्ली\लखनऊयूपी चुनाव मिशन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर सस्पैंस बना हुआ है। मुलायम गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं, जबकि अखिलेश गठबंधन के सहारे 300 सीटें लाने का दावा कर चुके हैं। ऐसे में गठबंधन होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि समाजवादी कुनबे में मचे घमासान का क्या नतीजा निकलता है। समाजवादी पार्टी में चल रहे इस अनिश्चितता के दौर की वजह से ही कांग्रेस ने यू.पी. में बहुजन समाज पार्टी से भी गठबंधन के सभी रास्ते खुले रखे हैं।

मायाप्रियंका में होगी बात
बताया जा रहा है कि इस सिलसिले में बसपा सुप्रीमो मायावती राज्यसभा में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता से पहले ही मुलाकात कर चुकी हैं और निकट भविष्य में उनकी मुलाकात गांधी परिवार के एक सदस्य (प्रियंका)से हो सकती है। सूत्रों ने बताया कि मायावती से यू.पी. को लेकर हो रही इस बातचीत पर प्रियंका गांधी नजदीक से नजर रख रही हैं।

यूपी के चुनावी रण में भाजपा की मजबूत चुनौती का जवाब गठबंधन से
दरअसल माना जा रहा है कि सत्ता में आने के लिए कांग्रेस को तो गठबंधन की जरूरत है ही, पर सपा और बसपा भी यही मान रहे हैं कि यू.पी. के चुनावी रण में भाजपा की मजबूत चुनौती का जवाब गठबंधन से दिया जा सकता है। बसपा और सपा तो साथ आने से रहे, ऐसे में दोनों कांग्रेस से गठबंधन की संभावनाएं तलाश रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिवार में चल रही वर्चस्व की लड़ाई के बीच अखिलेश यादव राहुल गांधी से अगले सप्ताह गठबंधन के सिलसिले में मुलाकात कर सकते हैं। अखिलेश कांग्रेस से गठबंधन की वकालत कई बार कर चुके हैं। वह तो यहां तक कह चुके हैं कि कांग्रेससपा गठबंधन हो गया तो 300 से ज्यादा सीटें जाएंगी।

बसपा को तरजीह
दूसरी तरफ सूत्र बता रहे हैं कि मायावती और कांग्रेस के बीच भी बातचीत चल रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व सपा से ज्यादा बसपा को तरजीह देने के पक्ष में है क्योंकि सपा के साथ कांग्रेस के पिछले अनुभव अच्छे नहीं रहे हैं। साथ ही कांग्रेस नेताओं को सत्ता विरोधी लहर की भी ङ्क्षचता सता रही है। उन्हें लग रहा है कि अखिलेश सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर का बोझ कांग्रेससपा गठबंधन को उठाना पड़ेगा जिसका असर प्रदर्शन पर भी पड़ सकता है।

गठबंधन पर अखिलेश से मिलेंगे राहुल और प्रियंका
सपा की तरफ से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव केड्राइविंग सीटपर आने के बाद चुनाव पूर्व सपाकांग्रेस के संभावित गठबंधन पर अगले चरण की बातचीत शुरू होगी राहुलप्रियंका के साथ अखिलेश यादव की बैठक 10 जनवरी को हो सकती है।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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