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योगी सरकार ने उप्र को ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणी में बांटा,30 अप्रैल तक रहेगा लॉकडाउन, स्कूल-कॉलेज 15 मई तक बंद,एयर कंडीशनर के उपयोग पर भी रोक

राजेश तिवारी विशेष संवाददाता लखनऊ:

ए’ वर्ग में बिना कोरोना संक्रमित जिले, ‘बी’ श्रेणी में पॉजिटिव केस वाले जनपद- यूपी में 30 अप्रैल तक रहेगा लॉकडाउन, स्कूल-कॉलेज 15 मई तक बंद  – प्रदेश में 15 मई तक एयर कंडीशनर के उपयोग पर भी रोक लगी 

*उत्तर प्रदेश के 75 में से 47 जिले कोरोना मुक्त हैं।*

*सुरक्षित जिले A वर्ग* – अंबेडकर नगर, अमेठी, अमरोहा, औरैय्या, अयोध्या, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, भदोही, बिजनौर, बंदायुं, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, एटा, इटावा, फरूखाबाद, फतेहपुर, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर, जालौन, झांसी, कन्नौज, कानपुर देहात, कासगंज, कौशांबी, कुशी नगर, ललितपुर, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, मिर्जापुर, मुजफ्फर नगर, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संभल, संत कबीर नगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, सीतापुर, सोनभद्र, सुल्तानपुर और उन्नाव।

*संक्रमित जिले B बर्ग*- अलीगढ़, आगरा, आजमगढ़, बागपत, बांदा, बरेली, बस्ती, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, गाजीपुर, हरदोई, हापुड़, हाथरस, जौनपुर, कानपुर, लखीमपुर खिरी, लखनऊ, महारजगंज, मेरठ, मुरादाबाद, पीलिभीत, प्रतापगढ़, सहारनपुर, शाहजहांपुर, शामली और वाराणसी।

प्रदेश में अब सभी जिलों में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में रविवार को हुई उच्च-स्तरीय बैठक में यह फैसला किया गया। अभी तक केन्द्र सरकार की ओर से 14 अप्रैल तक पूर देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है। योगी सरकार ने लॉकडाउन के दौरान पूरे प्रदेश को दो वर्गों में बांट दिया है। ‘ए’ वर्ग में वे जनपद होंगे जहां अब तक एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं मिला है। वर्ग ‘बी’ में वह जनपद होंगे जहां पॉजिटिव केस मिल चुके हैं या 14 अप्रैल तक और मिलने की आशंका है। ‘ए’ वर्ग वाले जिलों में कुछ रियायतें दी जाएंगी। ‘बी’ वर्ग वाले जिलों में प्रतिबंध पूरी तरह से जारी रहेगा।
‘ए’ वर्ग वाले जिलों में कोरोना के मामले मिलने पर होगी सख्तीसरकार की ओर से दी गई रियायत के तहत वर्ग ‘ए’ वाले जिलों के बीच सुबह सात बजे से लेकर दोपहर एक बजे के बीच खुद के वाहनों से यात्रा हो सकेगी। वर्ग ‘ए’ और वर्ग ‘बी’ वाले जिलों के बीच वाहन नहीं चलेंगे, केवल आवश्यक सामान की ढुलाई हो सकेगी। वर्ग ‘ए’ वाले जिलों सहित अगर कहीं कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आते हैं तो प्रतिबंध अधिक सख्त किए जाएंगे। क्वारेंटाइन किये गए लोगों को इधर-उधर आने-जाने की इजाजत नहीं होगी। सभी निजी अस्पताल और अन्य चिकित्सीय संस्थाएं प्रदेश में खुली रहेंगी और सोशल डिस्टेंस नीति का पालन होगा। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मनरेगा के तहत मजदूरों को काम करने की अनुमति सिर्फ वर्ग ‘ए’ के जिलों में होगी।
‘बी’ वर्ग वाले जिलों में पूरी तरह से जारी रहेंगे प्रतिबंध हॉटस्पॉट एरिया को छोड़कर सभी जिलों में खेती किसानी, बागवानी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, कटाई बुवाई आदि के कार्य चलते रहेंगे। हालांकि इस बात के सख्त निर्देश दिये गये हैं कि राज्य की सीमा से बाहर और वर्ग ‘बी’ वाले जिलों से श्रमिक नहीं लाए जा सकेंगे। वर्ग ‘बी’ के जिलों की सीमाएं सील रहेंगी और सामान का परिवहन भी जिलों की सीमा के अंदर नहीं होगा। वर्ग ‘ए’ और वर्ग ‘बी’ वाले जिलों के बीच कोई आवागमन नहीं होगा। वर्तमान में लागू पास मान्य होंगे। स्वास्थ्य परीक्षण आदि जारी रहेगा।
हॉटस्पॉट एरिया: मॉल, मल्टीप्लेक्स, धार्मिक संस्थान रहेंगे बंद प्रदेश के 15 जिलों में चिह्नित किए गए हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में किसी भी तरह का मूवमेंट नहीं होगा। यहां प्रशासन राशन और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था करेगा। 30 अप्रैल तक प्रदेश में कहीं भी पांच से अधिक लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध रहेगा और धारा 144 लागू रहेगी।  हॉटस्पॉट वाले इलाकों को छोड़कर जोखिम का आकलन कर जिलाधिकारी निर्माण, औद्योगिक उत्पादन और खनन की अनुमति दे सकेंगे। स्टांप एवं रजिट्रेशन की सभी जिलों में नियमों के अधीन अनुमति मान्य होगी। प्रदेश सरकार के निर्णय के मुताबिक होटल, धर्मशाला, होम स्टे, मॉल, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, जिम, रेस्टोरेंट, बार, धार्मिक संस्थान आदि बंद रहेंगे। जिलाधिकारी की अनुमति के बिना किसी कार्मिक या अन्य व्यक्ति को हटाया नहीं जाएगा।
31 मई तक मास्क जरूरी, 15 मई तक शिक्षण संस्थान बंद पूरे प्रदेश में 31 मई तक सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा और साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग की नीति भी लागू रहेगी। इसके साथ ही 15 मई तक प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। अस्पतालों आदि को छोड़कर 15 मई तक प्रदेश में एयर कंडीशनर के उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है।

 

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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