उत्तर प्रदेश

यूपी में 15 अप्रैल को लॉकडाउन खुलेगा या नहीं? जानें क्या बोले सीएम योगी

राजेश तिवारी विशेष संवाददाता लखनऊ: कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन है, जिसकी अंतिम तारीख 14 अप्रैल है। इस बीच लोग इस बात की चर्चा करने लगे हैं कि 15 अप्रैल को लॉकडाउन खुलेगा या नहीं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों के इस सवाल पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि अगर 15 अप्रैल से लॉकडाउन खुलता है तो हालात बहुत चुनौतीपूर्ण होंगे। ऐसे में चरणबद्घ तरीके से इसे खोले जाने की योजना बनाएं।
योगी ने अपने सरकारी आवास पर टीम-11 की बैठक में कहा, “15 अप्रैल से यदि लॉकडाउन खुलता है तो चरणबद्घ तरीके से इससे निपटने की योजना बनाएं। क्योंकि ऐसे में जो जहां फंसा होगा, वहां से आने का प्रयास करेगा। इन हालातों में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करें। स्कूल, कॉलेज, अलग-अलग तरह के बाजार और मॉल कब और कैसे खुलेंगे, इसकी कार्ययोजना तैयार करें।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें दो स्तर पर तैयारी करनी होगी। मौजूदा हालात और भविष्य के मद्देनजर रणनीति तैयार करें। हर जिले में कम्युनिटी किचन चलाएं। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं सहित अन्य जो लोग भी मदद देना चाहें उनकी मदद लें। हर कोई भोजन बांटने न निकले, इसके लिए कुछ कलेक्शन सेंटर बनाएं। वहां भोजन एकत्र हो और बंटने के लिए जाए। भविष्य की तैयारियों के मद्देनजर एनएसएस, एनसीसी, स्काउट्स और युवक मंगल दल में से वालंटियर तैयार करें।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि “कोरोना के संक्रमण के दौरान एनेस्थेसिया, फिजिशियन, बच्चों और महिलाओं के चिकित्सक की सवार्िधक जरूरत होती है। निजी क्षेत्र में संबंधित विशेषज्ञता के कितने डॉक्टर्स हैं, उनकी सूची तैयार करें। इनको प्रशिक्षण दें ताकि जरूरत पर इनसे मदद ली जा सके।”
सरकार एक हजार करोड़ रुपये का कोरोना केयर फंड तैयार करेगी। इस फंड से टेस्टिंग लैब की सुविधाएं बढ़ाने के साथ इलाज में जरूरी और उपकरणों मसलन वेंटीलेटर, मास्क, सेनिटाइजर, पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट) आदि की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग विभाग यह सुनिश्चित कराए कि जरूरी सामानों का उत्पादन प्रदेश में ही हो। इससे वे सस्ते तो होंगे ही उनकी उपलब्धता भी बढ़ेगी। खादी के कपड़े से ऐसा मास्क तैयार कराएं जिसका दोबारा उपयोग किया जा सके। इसके लिए महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप की मदद लें। ऐसा करने से खादी का प्रचार भी होगा, स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार मिलेगा।”
उन्होंने कहा, “लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों को सख्त संदेश दें। इंदौर जैसी घटना उप्र में कहीं भी कतई नहीं होनी चाहिए। ऐसे लोगों पर डिजास्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करें। जो भी लोग सरकार से असहयोग करें उनको थोड़ी-थोड़ी संख्या में अलग-अलग कड़ी निगरानी में रखें।”

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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