उत्तर प्रदेश

किसानों की कर्ज माफी: योगी कैबिनेट के फैसले पर विरोधियों ने उठाए सवाल

 

लखनऊ:योगी कैबिनेट की पहली बैठक में प्रदेश के छोटे और मझोले किसानों का फसली कर्ज माफ किए जाने के फैसले को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गरीब किसानों के साथ धोखा करार दिया है। उधर कांग्रेस ने इस फैसले को ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ बताते हुए कहा है कि बीजेपी सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया। यूपी चुनाव में गठबंधन के तहत लड़ने वाले इन दोनों दलों ने कहा है कि बीजेपी ने पूरा कर्ज माफ करने का वादा किया था। साथ ही कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक लाख की कर्ज माफी पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि शिवसेना ने योगी सरकार के फैसले की खुलकर तारीफ करते हुए इसे गर्व का विषय बताया है।

फैसले का ऐलान होने के तुरंत बाद अखिलेश ने इसे लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘वादा पूर्ण कर्ज माफी का था, किसी सीमा का नहीं। एक लाख की सीमा से करोड़ों किसान ठगा सा महसूस कर रहे है। ये गरीब किसानों के साथ धोखा है।

उधर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी सरकार के कर्ज माफी के वादे को अधूरा बताते हुए कहा, ‘कदम अच्छा है, पर अर्धसत्य है। ऊंट के मुंह में जीरा, नहीं किया वादा पूरा। यूपी मंत्रिमंडल की पहली बैठक से यूपी के किसानों की उम्मीद टूट गई है। योगी मंत्रिमंडल ने मात्र 36,000 करोड़ रुपये का कर्जा माफ करने का निर्णय लिया है, जो न तो किसान को कर्जमुक्ति दे पाएगा और न ही पर्याप्त राहत।’

सुरजेवाला ने आगे कहा कि योगी सरकार ने किसानों का फसली कर्ज तो माफ कर दिया, लेकिन मियादी कर्जे का क्या होगा। एक लाख की कर्ज माफी पर सवाल उठाते हुए सुरजेवाला ने कहा, ‘आधा हेक्टेयर से कम वाला किसान तो 50 हजार से ज्यादा का कर्ज ले ही नहीं सकता। अगर आप 50 हजार से ज्यादा कर्ज ले ही नहीं सकते तो एक लाख रुपये का कर्ज माफ कैसे होगा।’
विरोधी दल कुछ भी कहें, पर बीजेपी के सहयोगियों को योगी सरकार का फैसला पसंद आ रहा है। बीजेपी से संबंधों में चल रही खटपट के बावजूद शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ने योगी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने साबित कर दिया कि चुनावी घोषणा सिर्फ जुमले नहीं होते। उन्होंने कहा, ‘चुनाव के दौरान किए गए वादे पहली कैबिनेट बैठक में पूरे करना गर्व का विषय है। महाराष्ट्र के सीएम को भी ऐसा करना चाहिए।’
बता दें कि योगी कैबिनेट ने मंगलवार को छोटे और मझोले किसानों का फसली कर्ज माफ कर दिया है। सूखा, ओला, बाढ़ से प्रभावित 2.30 करोड़ किसान कर्ज माफी के दायरे में आएंगे। 95% लघु और सीमांत किसान हैं। उनका 30,729 करोड़ रुपये का ऋण माफ किया गया है। इसमें लगभग एक लाख तक का ऋण लिया होगा, उसे माफ किया जाएगा। 7 लाख किसान जिनका लोन एनपीए हो गया है। उनके लोन का 5630 करोड़, पूरा माफ किया है।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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2 Comments

  1. यू पी मे भाजपा कि सरकार बनते ही किसान का लान माफ़ कर दिया और बिहार मे गठबंधन की सरकार हे तो किसान का लान क्यो नही मांफ किया गया जब कि केन्द्र मे मालिक सभी राज्यो का एक ही हे

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