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Vi यूजर्स के लिए लाया बेहद सस्ता प्लान, फ्री डेटा के साथ 95 रुपये में मिलेगा OTT सब्सक्रिप्शन

Vi Cheapest OTT Plan: जियो, एयरटेल और वीआई (Vi) ने जून में अपने प्लान्स के प्राइस में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया था. जोकि इस महीने से एक्टिव हो गए हैं. अब यूजर्स को प्लान रिचार्ज करवाने के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे, बढ़े हुए दामों के बाद अब लोगों को रिचार्ज करवाते वक्त 10 बार सोचना होगा कि कौन सा रिचार्ज उनके बजट में सही बैठेगा.

इसके साथ ही यूजर्स की परेशानी को कम करने के लिए वीआई (Vi) उनके लिए एक सस्ता प्लान लेकर आया है. जहां पर लोगों को इंटरनेट के अलावा ओटीटी ऐप्स का सब्सक्रिप्शन फ्री में मिलेगा. जहां आज किसी भी टेलिकॉम ऑपरेटर का सबसे सस्ता प्लान 100 रुपये से कम नहीं है. वहीं वीआई (Vi) यूजर्स को लिए 95 रुपये वाला प्लान लेकर आया है. इस प्लान के आने से लोगों को के पास रिचार्ज करवाने के लिए बेहतरीन ऑप्शन होगा.

इन बैनिफिट्स के साथ मिलेगा ये प्लान

अगर हम बाकी कंपनियों के सस्ते प्रीपेड प्लान में मिलने वाले बैनिफिट्स और वीआई (Vi) में मिलने वाले बैनिफिट्स की बात करें तो इसमें यूजर्स को कुल 4 जीबी डेटा मिलेगा. इसके अलावा जिन लोगों को SonyLiv पसंद है, उनको ये प्लान काफी पसंद आने वाला है. कंपनी 95 रुपये वाले प्रीपेड प्लान में 28 दिनों के लिए सोनीलिव का सब्सक्रिप्शन दे रही है. वहीं इस प्लान में वॉइस कॉलिंग और मैसेजिंग की सुविधा यूजर्स को नहीं मिलेगी, इसके लिए उन्हें अलग से रिचार्ज करवाना होगा.  

फायदेमंद साबित हो सकता है 95 रुपये वाला प्लान

आमतौर पर सोनीलिव के मंथली सब्सक्रिप्शन की बात करें तो वो 399 रुपये में आता है. 399 रुपये वाले प्लान में लोग 5 डिवाइस में लॉगिन कर सकते हैं. लेकिन वहीं दुसरी तरफ आपको सिर्फ  95 रुपये में  सोनीलिव का 28 दिनों का सब्सक्रिप्शन मिल रहा है. इसके अलावा देश में अगर हम डीटीएच रिचार्ज की बात करें तो लोगों को कम से कम 200 से 300 रुपये का मंथली रिचार्ज कराना होता है. लेकिन अगर आप  95 रुपये वाला रिचार्ज करवाते हैं, तो आप के काफी पैसे बच पाएंगे.

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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