उत्तर प्रदेश

27 साल यूपी बेहाल’ के नारे से कांग्रेस ने की तौबा, पेंट से कराई पुताई


लखनऊ 27 साल यूपी बेहाल के नारे के साथ उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की कैंपेनिंग शुरू करने वाली कांग्रेस के समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के बाद रवैया पूरी तरह बदल चुका है। सूबे में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा दीवारों पर लिखे गए इस नारे को अब पेंट से पुताई कर छिपाया जा रहा है।

हालांकि, इस पूरे मामले पर कांग्रेसी नेता राज बब्बर ने सफाई देते हुआ कहा था कि यह नारा किसी दल विशेष के खिलाफ नहीं था। बता दें कि यह नारा कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दिया था।

एसपी से गठबंधन के बाद कांग्रेस के सुर कुछ इस कदर अचानक बदल गए हैं कि अब वह राज्य में बीते पांच साल की अखिलेश सरकार की तारीफ करते नहीं थक रही है। सूबे में इस बार एसपी 298 और कांग्रेस 105 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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