उत्तर प्रदेश

यूपी चुनाव एग्जिट पोल 2017: टाइम्‍स नाऊ के अनुसार, यूपी में खिलेगा कमल, बीजेपी को पूर्ण बहुमत

उत्‍तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव 2017 का परिणाम 11 मार्च (शनिवार) को आना है। सात चरणों तक चली मतदान प्रक्रिया में 403 सीटों पर वोट डाले गए। देश का सबसे बड़ा राज्‍य (आबादी के लिहाज से) होने के नाते सबकी निगाहें इसके नतीजों पर होंगी। यहां मुख्‍य लड़ाई भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के बीच है। तीनों ही राज्‍य में पूर्ण बहुमत का दावा कर रहे हैं, मगर लंबे चुनावी समर में जिस तरह मुद्दे बदले हैं, उससे नतीजे पर कैसा असर होगा, यह शनिवार को ही पता चलेगा। यूपी में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं और बहुमत के लिए 202 सीटों का आंकड़ा चाहिए। बीजेपी करीब डेढ़ दशक का सूखा समाप्‍त करना चाहती है, वहीं कांग्रेस

के हाथ के सहारे अखिलेश सूबे में फिर से साइकिल चलाना चाहते हैं। मायावती सोशल इंजीनियरिंग को एक बार फिर से आजमा रही हैं। परिणाम का अंदाजा लगाने के लिए विभिन्‍न मीडिया संस्‍थानों ने एग्जिट पोल किए हैं। विभिन्‍न एग्जिट पोल्‍स में यूपी के जनादेश को किस तरह दर्शाया गया है, इसका पूरा आंकड़ा आपको हम बताएंगे।

सीएनएन-न्‍यूज 18-एमआरसी के अनुसार, यूपी में बीजेपी गठबंधन को 185 सीटें, सपा-कांग्रेस को 120 सीटें, बसपा को 90 सीटें और अन्‍य को 8 सीटें मिलेंगी।

एबीपी न्‍यूज के अनुसार, दूसरे फेज की 67 सीटों पर एसपी- 38%, बीएसपी-24% और  बीजेपी को 29% वोट शेयर मिलने का अनुमान।

टाइम्‍स नाऊ के अनुसार, यूपी में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलेगा। इसके मुताबिक, बीजेपी को 190-210 सीटें मिल सकती हैं। सपा-कांग्रेस को 110-130 सीटें, बसपा को 57-74 सीटें व अन्‍य को 8 सीटें मिलने का अनुमान है।

एबीपी न्‍यूज-नील्‍सन के एग्जिट पोल्‍स में पहले चरण में बीजेपी को आगे दिखाया गया है। पहले फेज की 73 सीटों पर बीजेपी को 32%, सपा+ 28%, बीएसपी-26% वोट मिलने का अनुमान है। बीजेपी को 33-39 सीटें, एसपी को 20-26 सीटें, बीएसपी को 12-16 सीट मिलने का अनुमान है।

यूपी चुनाव के पहले चरण में 73 सीटों पर 64.22 प्रतिशत, दूसरे में 67 सीटों पर 65.29 प्रतिशत, तीसरे में 69 सीटों पर 62 प्रतिशत, चौथे में 53 सीटों पर 60.37 प्रतिशत, पांचवें में 51 सीटों पर 57.41 प्रतिशत, छठे में 49 सीटों पर 57.03 प्रतिशत और सातवें तथा अंतिम चरण में 40 सीटों पर 60.03 फीसदी वोटिंग हुई थी।

 

 

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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