उत्तर प्रदेश

यूपी बिजनौर: मुफ्ती ने कानून की उड़ाईं धज्जियां, पत्नी को दिया तीन तलाक और की जान से मारने की कोशिश

संसद में तीन तलाक बिल पास होने के बावजूद भी ट्रिपल तलाक का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर का है, जहां एक मुफ्ती ने अपनी पत्नी को तीन तलाक दे दिया  वहीं पत्नी ने जब तीन तलाक को कानूनी रूप से गलत ठहराने की बात कही तो पति ने कहा कि सरकार का कानून नहीं बल्कि शरीयत की बात मानता है.मुफ्ती ने कहा कि मैं सरकार के कानून को नहीं मानता और शरीयत के हिसाब से चलूंगा.

आरोपी दरिंदा मुफ्ती आरिफ

पत्नी ने इंसाफ की गुहार लगाते हुए पुलिस क्षेत्र अधिकारी नजीबाबाद बिजनौर को प्रार्थना पत्र देकर पति और ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है.
किरतपुर की रहने वाली अरशी पुत्री मरहूम मोहम्मद शाहिद का निकाह कुछ दिन पहले गांव भुङङी थाना मंङावली निवासी आरिफ पुत्र हनीप के साथ हुआ था
निकाह के समय पीडिता की मां ने 4 पहिया कार जैवर फ्रिज वाशिंग मशीन नकदी आदि समान दिया था जो भी पीडिता के ससुराल वालों की मांग थीं शादी के समय पुरी की गयी लेकिन दहेज़ के लालची पति सास ससुर व जेठ पीडिता से और दहेज की मांग करते थे और मरपीट करते थे

पीडिता के चोट व लहु लूहान फोटो


बीती 2 अगस्त को पीडिता का पति आरिफ
सास वकीला ससुर हनीफ़ व जेठ अब्दुला ने पीडिता से अपनी मां से 3 लाख रुपये नगद लाने को कहा जिसमें पीडिता ने असमर्थता व्यक्त की तो पीडिता के पति और उपरोक्त लोगों ने पीडिता को बुरी तरह से पीटा और उसके पति ने  तलाक़ दे दिया जिस पर पीडिता ने कहा कि तीन तलाक़ कानून जुर्म है तो पीडिता के पति और उपरोक्त लोगों ने कहा कि हम किसी कानून को नहीं मानते सिर्फ शरीयत को मानते हैं और बोलकर पीडिता को जान से मारने का प्रयास किया । पीडिता किसी तरह से इन लोगों के चंगुल से निकलकर अपनी मां के घर कस्बा किरतपुर पहुँची जहां से पीडिता की मां उसको इलाज के लिए कस्बे के हास्पीटल लेकर पहुँची डाक्टर ने पीडिता की नाजुक हालत देखकर उसे ज़िला चिकित्सालय बिजनौर रेफर कर दिया जहाँ पर पीडिता का सीरियस हालत में इलाज चल रहा है ।

पीडिता का इलाज चल रहा है

पीडिता के पति ससुर और जेठ बहुत ही शातिर किस्म के लोग हैं जो तथाकथित रूप से अपने गांव में ही इस्लामिक मदरसा चलाते हैं और मदरसे के नाम पर अवैध तरीके से लाखों रुपया चंदा इकट्ठा करते है पीडिता ने कहा कि इन लोगों के मदरसे के हिसाब किताब की अगर जांच की जाए तो बहुत कुछ खुलासे हो सकते हैं ।
ऐसे ही मुफ्ती मौलाना की वजह से इस्लाम की बदनामी होती है ऐसे लालची कट्टरवादी लोग समाज और राष्ट्र के लिए खतरा है इन लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए और पीडिता को न्याय

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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