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मा, ना,रामदासजी आठवले सामाजिक न्याय राज्यमंत्री भारत सरकार नवी दिल्ली यांचे दालनात अखिलभारतीय सफाई मजदूर कॉग्रेसच्य शिष्ट मंडल सोबत बैठक संपन्न

मा, ना,रामदासजी आठवले साहेब सामाजिक न्याय राज्यमंत्री भारत सरकार नवी दिल्ली यांचे दालनात अखिलभारतीय सफाई मजदूर कॉग्रेसच्य शिष्ट मंडल सोबत बैठक संपन्न💐🏵🌹🌼
अखिल भारतीय सफाई मजदूर काँग्रेस रजि नं 7262 राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारी व 18 राज्याचे प्रदेश अध्यक्ष महामंत्री प्रनुख कार्यकर्ता सोबत दि 12/02/2019 रोजी ना,रामदासजी आठवले साहेब सामाजिक न्याय राज्यमंत्री भारत सरकार यांच्या दालनात देशातील सफाई कामगारांच्या प्रमुख मागण्या वर सविस्तर चर्चा करण्यात आली चर्चाअंति मा, मंत्री महोदयांनी 11 मागण्यावर विभाग प्रमुख सचिव सोबत सविस्तर चर्चा करुन एक महिन्यात न्याय मागण्या सोडविन्याचे आश्वासन दिले ह्या बैठकित श्री चरनसिंगजी टांक साहेब राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री फकीरचंदजी वाल्मीकि राष्ट्रीय महामंत्री पनीकरणजी दस राष्ट्रीय महामंत्री महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष श्री अरुण भाई चांगरे कार्यकारी अध्यक्ष श्री अनूपजी खरारे श्री जयसिंगजी कछवा,पि बि श्री भताकुलेजी महामंत्री महा प्रदेश श्री अशोकजी मरोड़ा उपाध्यक्ष श्री विक्रमजी चंडाले मुंबई प्रदेश श्री अर्जुनजी ठोलकर श्री सोनुजी पचेरवाल दीपक कुमार जी मालिक प बंगाल मध्य प्रदेश श्री मगनजी झा मध्यप्रदेश प्रदेशाध्यक्ष श्री राजेशजी कटारे श्रीओमप्रकाशजी लोड राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री धिग्गान साहेब श्री विनोद कुमार बैचेनी श्री राजेश बेनिवाल श्री विजयकुमार बहोत श्री बालिमंड़पु श्री राजेंद्र अड़ागळे श्री मनोज शिरसवाल यासह 18 राज्यातील प्रतिनिधि उपस्तित होते
मा, ना,रामदासजी आठवाले साहेबांनी देशातील सफाई कामगनरांच्या भावना लक्ष्यत घेता सर्व मागण्या बाबत सकारात्मक भूमिका घेऊन मंत्रालयाशी संबधित मागण्या त्वरित सोडेउन विविध राज्यातील संबधित विभागांना योग्य पाठपुरावा करण्याचे आश्वासन दिले असे अखिल भारतीय सफाई मजदूर काँग्रेसचे प्रदेश *अध्यक्ष श्री अरुण भाई चांगरे हयांनी एकप्रत्राद्वारे कळविले🍁🍁🍁🍁🍁

 

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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