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राममंदिर मुद्दे को हवा देने की कोशिश, कार सेवा निकालने की हो रही तैयारी, चुनाव नजदीक आते ही आयी राम की याद!

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर सियासी बयान बाजियों का दौर लगातार जारी है। इस बीच अयोध्या में संतों की आज उच्चाधिकार समिति की भी एक अहम बैठक है। आगामी संसदीय चुनाव में राम मंदिर को सबसे बड़ा मुद्दा बनाने की जमीन तैयार हो गई है। इस पर भावी रणनीति तय करने के लिए विहिप से जुड़े संतों की उच्चाधिकार समिति की शुक्रवार को बैठक हो रही है।

यह बैठक दिल्ली में होने वाली है, जिसमे तकरीबन 45 संत हिस्सा लेंगे और इस बात पर फैसला लेंगे कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की मुहिम के लिए आगे का क्या रास्ता होना चाहिए? इस बैठक में विश्व हिंदू परिषद भी हिस्सा लेंगे, उसका कहना है कि बैठक में इस बात का फैसला लिया जाएगा कि राम मंदिर मुद्दे पर भविष्य की रणनीति क्या होनी चाहिए।

मंदिर निर्माण की व्यूह रचना के लिए इस महीने के अंत में संघ की बैठक होने वाली है। उसके बाद दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 3 और 4 नवंबर को 5000 संतों का धर्मादेश सम्मेलन होने वाला है। उसी में कार सेवा की तारीख का ऐलान भी होगा।

हालांकि 29 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में जल्द की अदालत का रुख साफ हो जाएगा, लेकिन विहिप का कहना है कि वह इस मामले में अधिक इंतजार नहीं करेगी। सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार की बैठक से पूर्व ही इस समिति में शामिल करीब 35 संतों में राम मंदिर के लिए जल्द कुछ कार्यक्रम घोषित करने पर सहमति है।

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