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उत्तरप्रदेश में 20 अप्रैल से शुरू होंगी ये गतिविधियां, इन सेवाओं से जुड़े लोगों को मिलेगी छूट

राजेश तिवारी (विशेष संवाददाता SBT24.TV)
लखनऊ: तीन मई तक यूपी सहित पूरा देश लॉकडाउन है। राज्य में 20 अप्रैल से कुछ जरूरी सेवाओं की अनुमति दी गई है। सरकार की कोशिश 22 मार्च से ठप पड़ी गतिविधियों को पटरी पर लाने की है। इसके तहत आवश्यक सेवाओं के अलावा 11 तरह के उद्योगों को सशर्त चलाने की अनुमति दी गई है। आज से स्टील, रिफाइनरी, सीमेंट, रसायन, उर्वरक, वस्त्र उद्योग (परिधान को छोड़कर), फाउंड्रीज, पेपर, टायर, चीनी मिलें शुरू हो सकेंगी, वहीं कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट को शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। कोयला, खनिज उत्पादन और तेल व रिफाइनरी के साथ ग्रामीण इलाकों में ईंट भट्टे भी चालू किए जाएंगे। 20 अप्रैल से सरकारी दफ्तर खुलेंगे वहीं, कोर्ट में भी जरूरी मामलों की सुनवाई होगी। जरूरी सामान लाने और ले जाने वाले ट्रक बिना रोक-टोक चल सकेंगे। हाईवे पर ढाबे भी खुलेंगे। टोल टैक्स भी देना होगा। सूबे में कूरियर सेवाएं भी बहाल होंगी। इसके अलावा मोटर-इलेक्ट्रिक मैकेनिक और कारपेंटर आदि को भी सशर्त काम कर सकेंगे। चार पहिया वाहन में ड्राइवर के अलावा पीछे की सीट पर केवल एक ही व्यक्ति को बैठने की अनुमति होगी। दो पहिया वाहनों में केवल वाहन चालक को अनुमति दी जाएगी। शराब, गुटखा और तंबाकू आदि की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध जारी रहेंगे। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माने के साथ सजा का भी प्रावधान पूर्ववत रहेगा। हालातों के मुताबिक, इसमें थोड़ा-बहुत फेरबदल किया जा सकता है।
कामगारों को काम अर्थव्यवस्था को फिर से गति देने के लिए कृषि, निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, एसईजेड और ग्रामीण इलाकों में औद्योगिक इकाइयों समेत कुछ अन्य क्षेत्रों को अनुमति दे दी गई है। इसके लिए केंद्र सचिव ने सभी राज्य सेक्रेटरी को पत्र भेजा था। जिसके बाद सभी जिलों में इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। कामगारों के लिए पास जारी किया जा रहा है। जारी निर्देश के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में सभी जनसेवा केन्द्र चालू करने का भी निर्देश दिया है। वहीं, मनरेगा के अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायतों में सेल्फ आफ प्रोजेक्ट के अनुसार स्टीमेट तैयार करते हुए कार्य की आईडी जनरेट कराने का निर्देश दे दिये गये हैं, ताकि कार्य शुरू करने की सूचना प्रत्येक श्रमिक तक पहुंचाई जाए। जिसके पास मास्क व आरोग्य सेतु एप डाउनलोड नहीं होगा, उनका पास मान्य नहीं किया जाएगा। सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। इसके अलावा स्वरोजगार करने वाले जैसे- इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, मोटर मैकेनिक तथा कारपेंटर को पास जारी करने का निर्देश श्रम विभाग को दिया गया। श्रम विभाग जल्द हेल्पलाइन नम्बर जारी कर पास की सम्पूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करेगा।
फसल कटाई की मशीनें आ सकेंगी खेती में काम आने वाली मशीनों की दुकानें, स्पेयर पार्ट्स की दुकान खुली रहेंगी। किसानों के काम में किसी तरह का अवरोध नहीं है। इसके साथ ही फसल कटाई से जुड़ी मशीनों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की इजाजत भी दी गई है। वहीं, मछली पालन से जुड़ी चेन, सेल, मार्केटिंग, हार्वेस्टिंग की सुविधा जारी रहेगी। मछली मार्केट दूध मार्केट में सोशल डिस्टेंन्सिंग का पालन करते हुए खरीदार आसानी से काम कर सकेंगे। सब्जी मंडी व गेहूं खरीद का काम भी सोशल डिस्टेंन्सिंग आदि सावधानियों के साथ पहले से ही शुरू किया जा चुका है।
मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी उत्तर प्रदेश में सभी के लिए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी होगा। किसी भी सूरत में किसी को भी बिना मास्क पहने निकलने की अनुमति नहीं मिलेगी। जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों के अलावा सभी को घर में रहना होगा। आवश्यक सेवाओं के लिए पास जारी किये गये जा रहे हैं। बिना पास किसी को अनुमति नहीं मिलेगी। हॉटस्पाट इलाकों में कड़ी चौकसी जारी रहेगी।
नहीं खुलेंगे स्कूल-कॉलेज – रोडवेज बस और मेट्रो सेवा बंद रहेगी – विमान सेवा पूरी तरह से बंद रहेगी – सभी धार्मिक स्थल बंद रहेंगे – स्कूल-कॉलेज और कोचिंग सेंटर बंद रहेंगे – टैक्सी, कैब और ऑटो रिक्शा को अनुमति नहीं – सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, कार्यक्रमों पर रोक – सिनेमा हॉल, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और जिम बंद – स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, थियेटर, पार्क, चिड़ियाघर भी बंद – पैसेंजर ट्रेन बंद रहेंगी, मालगाड़ी की आवाजाही जारी रहेगी

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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