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भारत से दोस्ती रखने के लिए अमेरिकी संसद ने बदला अपना कानून, रूस से रक्षा उपकरण खरीदने का रास्ता साफ!

भारत के साथ अमेरिकी रिश्ते पर अमेरिकी संसद में एक और मुहर लग गई है। पिछले कई महीनों से व्यापार में बढ़ती खटास और टू प्लस टू डायलॉग के न होने के बाद जिस तरह से अमेरिका और भारत के रिश्तों में खटास को देखा जा रहा था कल उसे अमेरिकी संसद ने पूरी तरह से निरस्त कर दिया और 716 अरब डॉलर का रक्षा विधेयक पारित किया है।

इस विधेयक के पास होने से भारत के साथ देश की रक्षा भागीदारी मजबूत करने की बात कही गयी है। ओबामा प्रशासन ने भारत को 2016 में अमेरिका के अहम रक्षा साझेदार का दर्जा दिया था। अमेरिकी संसद ने बुधवार को नया राष्ट्रीय रक्षा विधेयक पास किया है, इसमें कई अहम फैसले लिए गए हैं। इस विधेयक के पास होने के साथ ही भारत को रूस से जो रक्षा उपकरण खरीदने की दिक्कतें आ रही थीं, अब वह खत्म हो जाएंगी। यानी भारत अब रूस से हथियार खरीद पाएगा।

रक्षा विधेयक में एक प्रावधान किया गया है जिसके तहत अमेरिका और अमेरिकी रक्षा संबंधों के लिए महत्वपूर्ण साझेदार को राष्ट्रपति एक प्रमाणपत्र जारी कर सीएएटीएसए के तहत प्रतिबंधों से छूट दे सकता है। दरअसल, अमेरिकी संसद ने राष्ट्रीय रक्षा विधेयक, 2019 पारित कर सीएएटीएस कानून के तहत भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगने की आशंका को खत्म करने का रास्ता निकाल लिया है।

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