उत्तर प्रदेश

गायत्री पर केस से घिर गई समाजवादी पार्टी

सुल्तानपुर से एसपी विधायक अरुण वर्मा पर हत्या का केस दर्ज हुए अभी हफ्ते भी नहीं बीते कि कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केस दर्ज हो गया। चुनावी सीजन में एसपी के दो कद्दावर नेताओं पर ऐसे गंभीर मुकदमे दर्ज होने के बाद पार्टी को खुद का बचाव करना मुश्किल हो रहा है। मामले ने अखिलेश यादव के लिए भी नया सिरदर्द पैदा कर दिया है। एक तरफ बीजेपी और बीएसपी एसपी को घेर रही है, वहीं अमेठी तो एसपी की सहयोगी कांग्रेस ने भी गायत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

एसपी सरकार बनने के बाद अमेठी से पहली बार जीते गायत्री प्रसाद प्रजापति को पहले राज्यमंत्री फिर स्वतंत्र प्रभार और आखिर में कैबिनेट मंत्री बना दिया गया। भूतत्व और खनिकर्म मंत्री बनने के बाद अवैध खनन के आरोप लगे तो हाई कोर्ट ने अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए। आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त के यहां जांच हुई।

बेटे के ऊपर भी कई आरोप लगे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 2002 में बीपील कार्ड धारक रहे गायत्री बीएमडब्ल्यू से भी चलने लगे, लेकिन जब अवैध खनन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया तो सीएम ने उन्हें मंत्रीमंडल से बर्खास्त कर दिया। कुछ दिनों बाद ही गायत्री फिर कैबिनेट में लौटे और परिवहन विभाग के मंत्री बन गए। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को गायत्री के खिलाफ केस दर्ज हो गया।

हमलावर हुई कांग्रेस
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक सिंह हिटलर ने कहा कि अमेठी कभी इतनी शर्मिन्दा नहीं हुई थी। अब गायत्री के भ्रष्टाचार के आरोपों का निस्तारण सुप्रीम कोर्ट के ही पर्यवेक्षण में ही होगा। उन्होने मांग की कि अखिलेश यादव को गठबंधन धर्म निभाते हुए अमेठी की सीट कांग्रेस को दे देनी चाहिए और गायत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर देना चाहिए। वहीं समाजसेवी ध्रुवराज कोरी कहते हैं कि गांव की महिलाओं में गायत्री को लेकर जबरदस्त आक्रोश है, जिसका फायदा बीजेपी को होगा।

कल रहेगी सीएम अखिलेश पर नजर
20 फरवरी को अखिलेश यादव की अमेठी के रामलीला मैदान में जनसभा प्रस्तावित है। यहां सीएम गायत्री प्रजापति के लिए वोट मांगेंगे, लेकिन केस दर्ज होने के बाद ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या सीएम गायत्री के साथ मंच साझा करेंगे? वहीं 22 फरवरी को सीएम सुलतानपुर सदर में भी जनसभा करेंगे, जहां उन्हें अरुण वर्मा के लिए वोट मांगने हैं। यह वहीं अरुण वर्मा हैं, जिनपर महिला की हत्या का केस दर्ज हुआ है।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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