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मल्टी नेशनल कम्पनी विप्रो के मालिक अज़ीम प्रेमजी के दोनों बेटे तारिक और ऋषद की शादी काबिले तारीफ

हाल ही में हुई देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अम्बानी के घर की शादी की बात आज हर कोई कर रहा है।
जबकि भारत में हुई एक और शादी की, एक और कहानी मौजूद है,जिसकी कोई चर्चा नहीं है।
मल्टी नेशनल कम्पनी विप्रो के मालिक अज़ीम प्रेमजी के दोनों बेटे तारिक और ऋषद की शादी की।
पहले आपको बताये के अज़ीम प्रेम जी कौन है?

अजीम प्रेमजी का जन्म मुंबई के एक गुजराती मुस्लिम परिवार में 24 जुलाई 1945 को हुआ था.

अज़ीम प्रेम जी वो शख्स है जिनके दादा जी को पाकिस्तान गोवर्नमेंट पाकिस्तान में रहने के लिए वहाँ के होम मिनिस्टर का पद देने को तैयार थी लेकिन देशप्रेम के चलते उन्होंने वो पैग़ाम ठुकरा दिया।

अज़ीम प्रेम जी वो शख्स है जिसके पास दुनिया भर के मुस्लिम्स में सबसे ज़्यादा पैसा है सऊदी अरब के बादशाह के बाद। यानी के वो दुनिया के दूसरे सबसे अमीर मुस्लिम व्यक्ति है।

अज़ीम प्रेम जी की कुल जायजाद 15.6 अरब डॉलर की है और वो लगभग 8 अरब डॉलर दान में दे चुके है।
अज़ीम प्रेम जी वो व्यक्ति है जिन्होंने कुछ साल पहले अरब देशो द्वारा दिया गया बेस्ट मुस्लिम बिज़नेस पर्सन ऑफ द वर्ल्ड का पुरस्कार सिर्फ इसलिए ठुकरा दिया था कि वो बेस्ट मुस्लिम पर्सन का था। उनका कहना था कि वो अगर उनको बेस्ट इंडियन पर्सन बुलाया जाता तो ज़्यादा अच्छा था।

अज़ीम प्रेम जी वो व्यक्ति है जिनके नाम मे प्रेम लगाने से मुस्लिम मौलवियों को आपत्ति होती है। उनके नमाज़ न पढ़ने से उनको आपत्ति है, वो कट्टरपंथी नही है इस बात से भी आपत्ति है। अज़ीम प्रेम जी मस्जिदों को दान नही देते है इस बात से भी आपत्ति होती है। क्यों के अज़ीम प्रेम जी अपने प्रॉफिट से 10% हिस्सा शिक्षा के लिए दान देते है।

आइये अब बात करते है उनके बेटो की हाल ही सम्पन्न हुई शादियों की..

अज़ीम प्रेमजी आज भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने बेटों की शादी में ₹ 20 करोड़ सिर्फ इस शर्त पर खर्च किए कि दुनिया के जाने माने शीर्ष के टेक्नोक्रेट और प्रशासक शादी में भाग लें !

उन्होंने और उनकी पत्नी ने शादी के कार्ड में अनुरोध किया कि, 🙏”कृपया दुल्हनों के लिए उपहार में कुछ धन दान करें जिससे लड़कियों के लिए स्कूल बनाये जा सकें !”🙏

जितना धन दान में आया उतना ही प्रेमजी ने अपनी तरफ से मिला कर लड़कियों के स्कूल के लिए दान कर दिया,जो लगभग 250 स्कूलों के लिये पर्याप्त हो गया ।

बताया जाता है इस तरह कुल ₹ 400 करोड़ की राशि दान में एकत्र हो गयी।

उच्चतम उपहार एचसीएल के शिव नाडर की तरफ से ₹ 45 करोड़ का प्राप्त हुआ ।
अम्बानी की शादी की चर्चा तो बहुत हुई,लेकिन क्या इस शादी की चर्चा देश में होना ज़रूरी नहीं था ?
आप बतायें…✍

ऐसे महान व्यक्ति को सलाम।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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