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Pulsar के चाहने वालों के लिए झटका! Bajaj बंद करने जा रही है अपनी धाकड़ बाइक, देखें



Bajaj Pulsar: बजाज एक जानी-मानी वाहन निर्माता कंपनी है। बाजार में बजाज (Bajaj) के कई वाहन मौजूद हैं, जो लोगों द्वारा काफी पसंद किए जाते हैं। वहीं बाइक की बात करें तो बजाज की कई धाकड़ बाइक उपलब्ध हैं। कई बाइक तो ऐसी हैं, जो लोगों के बीच बहुत ही ज्यादा पॉपुलर हैं।

इन्हीं में एक है बाजार पल्सर (Bajaj pulsar) बाइक है, जो लोगों के बीच काफी पॉपुलर है। इसके स्पोर्टी लुक और जबरदस्त परफॉरमेंस ने लोगों को दीवना बना दिया है। अब इसी बीच खबर है कि बजाज ने अपनी Pulsar 150 को बंद करने का फैसला किया है।

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हालांकि खुशखबरी यह है कि इसकी जगह कंपनी नई पल्सर P150 को लॉन्च कर चुकी है। वैसे देखा जाए तो इससे पल्सर (Pulsar) के चाहने वालों को झटका जरूर लगा है। बता दें कि बजाज ने Pulsar 150 के पहले Pulsar 180 को अगस्त 2022 में बंद कर दिया था। वहीं Pulsar 220 का प्रोडक्शन 2021 में बंद कर चुकी है।

जानिए कैसे शुरू हुआ था Bajaj Pulsar का जलवा?

बता दें कि 1980 और 90 के दशक में बजाज स्कूटर सेगमेंट में दबदबा था। पर बाजार में 100 सीसी की सस्ती बाइक आ गई, जिससे बाजार में बदलाव होने लगा। बाजार में होते बदलाव को देखते हुए बजाज ने पल्सर 150 और पल्सर 180 को लॉन्च किया।

इस बाइक के आकर्षक लुक और पावरफुल परफॉर्मेंस ने युवाओं को काफी आकर्षित किया। इसके धीरे-धीरे पल्सर 150 में कई बदलाव और अपडेट किए गए। पहली जनरेशन की पल्सर 150 बाइक 12 बीएचपी की पावर पैदा करती थी। इंजन के 5-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया था।

इसके बाद साल 2003 में इसमें DTS-i (डिजिटल ट्विन स्पार्क इग्निशन) तकनीक वाला इंजन लगाया गया। इससे पावर के साथ माइलेज भी बढ़ा। मौजूदा समय में पल्सर 150 का इंजन 14 पीएस की पावर और 13.25 Nm पीक टॉर्कपैदा करता है। इसमें 17 इंक के व्हील, 260mm फ्रंट डिस्क ब्रेक, एबीएस जैसे फीचर्स दिए हैं।

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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