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मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर शिवसेना में बढ़ी अंतर्कलह

मुंबई:शिवसेना के भीतर अपने मंत्रियों के परफॉर्मेंस को लेकर अंतरकलह बढ़ती जा रही है। शिवसेना विधायकों की शिकायत है कि शिवसेना कोटे से मंत्री बने नेता अपनी ही पार्टी के विधायकों के काम नहीं कर रहे। ऐसे में चुनाव क्षेत्र में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायकों ने अपनी इस शिकायत से पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से की थी। इसके बाद उद्धव ने 6 अप्रैल को एक बैठक बुलाई है, जिसमें शिवसेना के सभी मंत्रियों और विधायकों को उपस्थित रहने को कहा गया है।

बदले जा सकते हैं मंत्री
चर्चा है कि इस बैठक के बाद शिवसेना अपने कोटे के मंत्रियों में बदलाव कर सकती है। दरअसल शिवसेना के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे ज्यादातर विधायकों की शिकायत है कि मंत्री पदों पर उनका हक मार कर चुनाव हारने वाले या चुनाव न लड़ने वाले विधान परिषद के सदस्यों को मंत्री बनाकर उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।

शिवसेना के ग्रामीण भागों से चुनकर आए विधायकों में इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि ‘मातोश्री’ के करीबियों को मंत्री पद एक तरह से उपहार में दे दिया गया है। शिवसेना के भीतर चल रही विधान परिषद बनाम विधानसभा सदस्यों की इस अंतरकलह को उद्धव ठाकरे कैसे सुलझाते हैं यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल 6 अप्रैल को होने वाली बैठक पर सभी की नजरें टिकीं हैं।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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