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बयान से पलटी महंत का गुप्तांग काटने वाली युवती

रेप की कोशिश करने वाले महंत का गुप्तांग काटे जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है, केस पूरी तरह से पलट गया है। गुप्तांग काटने की खबर पर मुख्यमंत्री पी विजयन की तारीफ पाने वाली 23 वर्षीय पीड़िता अब पीछे हट गई है, उसने महंत को ‘क्लीन चिट’ दे दी है।

मई के महीने में पीड़िता ने पुलिस को बयान दिया था कि उसने 54 वर्षीय महंत गंगेशनंद के गुप्तांग इसलिए काट दिए थे क्योंकि पिछले कई वर्षों से वह पूजा-पाठ और रीति-रिवाजों के नाम पर उसका यौन शोषण करता आया है। लेकिन अब उसने स्पेशल कोर्ट में महंत को क्लीन चिट दे दी है। महंत गंगानंद के वकील ने स्पेशल कोर्ट को बताया की पीड़िता को आरोपी से कोई शिकायत नहीं है। वकील ने कोर्ट को पीड़िता का लिखा एक पत्र सौंपा है, जिसमें लिखा है कि गंगानंद एक ‘भला और अच्छा’ इन्सान है।

बचाव पक्ष के वकील अजीत कुमार ने कहा कि उन्हें पीड़िता का लिखा यह पत्र 13 जून को मिला। उन्होंने बताया, ‘पत्र में युवती ने लिखा है कि पुलिस द्वारा महंत गंगेशनंद के खिलाफ लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं, उसके साथ कभी यौन शोषण नहीं किया गया।’

इससे पहले पीड़िता की मां पुलिस को लिख चुकी हैं कि गंगेशनंद ने कभी उनकी बेटी का यौन शोषण नहीं किया। पत्र की सच्चाई के बारे में पूछे जाने पर वकील ने कहा, ‘एक मलयालम टीवी चैनल ने युवती से बात की और उसने कबूल किया कि चिट्ठी उसी ने भेजी है।’

इस केस में महंत गंगानंद की जमानत अर्जी पर कोल्लम जिले के पॉक्सो(POCSO) कोर्ट में 19 जून को सुनवाई होगी।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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