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RBI ने ब्याज दरों को 0.25% बढ़ाया, EMI बैंकों से कर्ज लेना पढ़ेगा और महंगा!

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो रेट को 0.25 बढ़ाने का फैसला किया है। जिसके बाद अब रेपो रेट 6.50 प्रतिशत हो गया है। इसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ता है। यानी अब आपके लिए कर्ज महंगा होगा और ईएमआई में बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही बैंकों से कर्ज लेना और महंगा होने वाला है। आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक आज खत्म हो गई है।

RBI की मौद्रिक नीति समिति ने वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में महंगाई के 4.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। वहीं, वित्त वर्ष 2020 की पहली तिमाही में इसके 5 फीसदी पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। रोजमर्रा के कामकाज के लिए बैंकों को भी बड़ी-बड़ी रकमों की ज़रूरत पड़ जाती है, और ऐसी स्थिति में उनके लिए देश के केंद्रीय बैंक, यानि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से ऋण लेना सबसे आसान विकल्प होता है।

इस तरह के ओवरनाइट ऋण पर रिजर्व बैंक जिस दर से उनसे ब्याज वसूल करता है, उसे रेपो रेट कहते हैं। अब आप आसानी से समझ सकते हैं कि जब बैंकों को कम दर पर ऋण उपलब्ध होगा, वे भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपनी ब्याज दरों को कम कर सकते हैं, ताकि ऋण लेने वाले ग्राहकों में ज़्यादा से ज़्यादा बढ़ोतरी की जा सके, और ज़्यादा रकम ऋण पर दी जा सके। इसी तरह यदि रिजर्व बैंक रेपो रेट में बढ़ोतरी करेगा, तो बैंकों के लिए ऋण लेना महंगा हो जाएगा, और वे भी अपने ग्राहकों से वसूल की जाने वाली ब्याज दरों को बढ़ा देंगे।

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