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रणवीर सिंह या दीपिका पादुकोण… ‘घर पर किसकी चलती है’, इस सवाल पर एक्टर ने दिया मजेदार जवाब

Ranveer Singh Deepika Padukone: रणवीर सिंह (Ranveer Singh) और दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) बॉलीवुड इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल्स में से एक हैं. ऑन स्क्रीन ही नहीं बल्कि ऑफ स्क्रीन भी दोनों की केमिस्ट्री को बहुत पसंद किया जाता है.  गुरुवार यानी 8 दिसंबर को फिल्म सर्कस (Cirkus) का गाना करंट लगा रे (Current Laga Re) रिलीज किया गया, जिसमें रणवीर सिंह के साथ दीपिका पादुकोण के धमाकेदार डांस बहुत पसंद किया गया.

घर पर किसकी चलती है?
‘करंट लगा रे’ सॉन्ग के लॉन्च इवेंट में रणवीर सिंह के साथ दीपिका पादुकोण भी शामिल हुईं. वहीं, फिल्म के डायरेक्टर रोहित शेट्टी भी मौजूद रहे. इस दौरान रणवीर और दीपिका की जबरदस्त बॉन्डिंग देखने को मिली. इवेंट में रणवीर सिंह ने बताया कि उनके घर पर किसकी चलती है. सॉन्ग लॉन्च इवेंट के दौरान कपल से पूछा गया कि घर पर आप दोनों में से किसकी चलती है.


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रणवीर सिंह ने दिया ये जवाब
इस सवाल के जवाब में रणवीर सिंह बोलते हैं, ‘मेरी ना ऑफिस में चलती है और ना ही घर पर चलती है. आपको क्या लगता है आप गेस कर लो’. इसके अलावा इवेंट में रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण जमकर मस्ती करते नजर आए. मालूम हो कि रणवीर और दीपका ने लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद 14 नवंबर, 2018 को शादी रचाई थी.

इस दिन रिलीज होगी ‘सर्कस’
बताते चलें कि रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म सर्कस (Cirkus) 23 दिसंबर, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. कुछ समय पहले ही इसका ट्रेलर रिलीज किया गया, जिसे लोगों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. इसमें रणवीर सिंह के अलावा जैकलीन फर्नांडीस, पूजा हेगड़े, वरुण शर्मा, मुरली शर्मा और संजय मिश्रा समेत कई सितारे नजर आएंगे. इससे पहले रणवीर और रोहित शेट्टी  (Rohit Shetty) ‘सिम्बा’ और ‘सूर्यवंशी’ जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं.

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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