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संघ के स्कूलों में पढ़ रहे 47 हजार मुस्लिम बच्चे, 270 मुस्लिम आचार्य

गुवाहाटी में दसवीं की परीक्षा में टापर बनने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित स्कूल के छात्र सरफराज हुसैन अकेले नहीं हैं। वर्तमान में संघ के स्कूलों में 47 हजार मुस्लिम बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

संघ द्वारा मुस्लिम बच्चों में भी हिन्दुस्तानी संस्कार भरने की कार्ययोजना कई इलाकों में शुरू की गई है। इसके तहत संघ के स्कूलों में 270 मुस्लिम आचार्यों की भी भर्ती हुई है। इतना ही नहीं हिन्दुत्व के संस्कार केंद्रों में 110 ईसाई आचार्य भी योगदान दे रहे हैं।

कश्मीर समेत देश के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में संघ ने स्कूलों के अलावा अनौपचारिक संस्कार केंद्र भी खोलना शुरू किया है जहां विभिन्न स्कूलों के छात्रों को कोचिंग दी जाती है।

संघ के अनुशांगिक संगठन विद्या भारती के स्कूलों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 हजार मुस्लिम छात्र हैं। संघ के सर सह कार्यवाह सुरेश सोनी के मार्गदर्शन में विद्या भारती ने मुस्लिम इलाकों में स्कूलों के विस्तार की कार्ययोजना पर काम शुरू किया है।

विद्या भारती के दिल्ली स्थित मुख्यालय के कार्यलय सचिव लाखन सिंह चौहान ने अमर उजाला को बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर और संस्कार केंद्रों को सिर्फ भाजपा ही नहीं बल्कि अन्य सियासी दलों का भी सहयोग मिलता है।

विद्या भारती के देश भर में फैले 12 हजार 364 विद्यालयों में मुस्लिम छात्रों के प्रवेश पर रोक कहीं नहीं है। अनौपचारिक संस्कार केंद्र आदिवासी इलाकों के अलावा उपेक्षित बस्तियों में चलते हैं? चुंकि मुस्लिम आबादी में निर्धन बस्तियां भी हैं इसलिए वहां मुस्लिम बच्चों को निशुल्क शिक्षा और कोचिंग दी जाती है।

ऐसे 11 हजार संस्कार केंद्र हैं। संस्कार केंद्रों में तीन घंटे तक प्रतिदिन शिक्षण कार्य होता है जिसमें खेल और कहानियां भी सुनाई जाती हैं जो राष्ट्रीय भावना से प्रभावित होती हैं। मुस्लिम बच्चों को इन संस्कारों केंद्रों में जाने के लिए  उनके अभिभावक भी प्रोत्साहित करते हैं।

संघ के स्कूलों में मुसिलम बच्चे गीता पाठ और गायत्री मंत्र जाप भी करते हैं। वंदे मातरम के गायन से उन्हें कोई परहेज नहीं है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ और बुलंदशहर में भी संघ के स्कूलों में मुस्लिम बच्चे हैं।

मध्य प्रदेश के विद्या भारती के स्कूलों में 10 हजार मुस्लिम बच्चे हैं। जम्मू कश्मीर में जम्मू के अलावा कश्मीर घाटी और लेह में संस्कार केंद्र चल रहे हैं। इनमें मुस्लिम आचार्य बच्चों को पढ़ाते हैं। देश भर में फैले स्कूलों में एक लाख 46 हजार आचार्य हैं जो करीब 34 लाख बच्चों को हिन्दुत्व और हिन्दुस्तान के संस्कार से संस्कारित कर रहे हैं।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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