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आज पालिका प्रशासन. पालक मंत्री साहेब. महापौर साहेब . आयुक्त साहेब. यांना थोडक्या हे सांगण्यात आले की कोरोना मधे कंत्राटी कामगार सुद्धा काम करत होते. त्यानी सुद्धा आपल व कुटुंबीयाच जीव धोक्यात टाकून पालिका जनतेची सेवा केली त्याची आठवण करून देण्यासाठी एक प्रामाणिक प्रयत्न… कामगार एकजुटीचा विजय असो…

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आज पालिका प्रशासन. पालक मंत्री साहेब. महापौर साहेब . आयुक्त साहेब. यांना थोडक्या हे सांगण्यात आले की कोरोना मधे कंत्राटी कामगार सुद्धा काम करत होते. त्यानी सुद्धा आपल व कुटुंबीयाच जीव धोक्यात टाकून पालिका जनतेची सेवा केली त्याची आठवण करून देण्यासाठी एक प्रामाणिक प्रयत्न…
कामगार एकजुटीचा विजय असो…✊
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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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