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किसान आंदोलन का असर, मंदसौर में भाजपा को करारी शिकस्त

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में किसान आंदोलन के बाद हुए नगर निकाय चुनाव में भाजपा को करारा झटका लगा है. दो नगर परिषद के तीन वार्डों में भाजपा को करारी शिकस्त मिली है. तीनों जगहों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है.

मंदसौर जिले की शामगढ़ नगर पंचायत में दो वार्डों और गरोठ पंचायत में एक वार्ड के उपचुनाव के लिए 11 अगस्त को मतदान हुआ था. पांच दिन बाद हुई मतगणना में भाजपा को बुरी तरह शिकस्त का सामना करना पड़ा है.

शामगढ़ नगर पंचायत के दो वार्डों के चुनाव में कांग्रेस के गोपाल पटेल और निलेश संघवी ने जीत हासिल की. वहीं गरोठ के वार्ड नंबर 9 के उपचुनाव में भी कांग्रेस की संगीता चंदेल ने भाजपा उम्मीदवार को शिकस्त दी.

शामगढ़ और गरोठ दोनों जगहों पर भाजपा की परिषद होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत को किसान आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि किसान आंदोलन के दौरान सरकार और भाजपा के खिलाफ नाराजगी के चलते भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है.

हालांकि, भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि छोटे से चुनाव को किसान आंदोलन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. वहीं, कांग्रेस के नेता इस जीत के बाद उत्साहित है.

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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