उत्तर प्रदेश

उत्तरप्रदेश में अब मोदी- योगी इफ़ेक्ट नहीं कर रहा काम , UP में फिर से नहीं खिला कमल

2014 लोकसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश के 80 लोकसभा सीटों में उत्तरप्रदेश की जनता ने भाड़ी बहुमत देकर बीजेपी के खातों में कुल 71 सीटें डाली थी I क्यूंकि 2014 में इतनी बड़ी जीत का कारण मोदी इफेक्ट भी था , और 2017 में हुए विधानसभा में भी मोदी योगी कॉम्बिनेशन दिखा और देखते ही देखते उत्तर प्रदेश में भी बीजेपी की सरकार आयी .
लेकिन गोरखपुर और फूलपुर जैसे VVIP सीटों पे हुए नतीजों ने बीजेपी की नींद उड़ा के रख दी , और इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है ,जी हाँ आज आये कैराना और नूरपुर के नतीजों ने एक बार फिर से बीजेपी की नींद उड़ा दी है ये 2014 लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी की तीसरी हार है I CM योगी और अमित साह के चुनावी केंपैन और सोशल इंजीनियरिंग के बाद भी असफल रही I भाजपा के पास अब राज्य में 68 सीटें हैं I

भाजपा सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद ये सीट खाली हुई थी उसके बाद बीजेपी के तरफ से मृगांका सिंह और रालोद की तरफ से तबस्सुम हसन के बिच में ये मुकाबला था , जिसको तबस्सुम हसन ने भाड़ी बहुमत से जीत लिया I 21वें राउंड तक रएलडी प्रत्याशी तबस्सुम हसन को मिले 4 लाख 21 हजार 145 वोट। वही बीजेपी प्रत्याशी बीजेपी प्रत्याशी मृगांका को 3 लाख 71 हजार 691 मिले I मतगणना के सुरु से ही रएलडी प्रत्याशी तबस्सुम हसन हर राउंड में आगे रहीI


कैराना में हार के बाद बीजेपी प्रत्याशी मृगांका सिंह ने गठबंधन प्रत्याशी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने उपचुनाव में हार स्वीकार कर ली है। उधर “जिन्ना पर गन्ना” की जीत वाली बात भी मीडिया में छायी जो की जयंत चौधरी का बयान था I उधर जीत के बाद अखिलेश यादव ने कहा की, जो खेल वो हमारे साथ खेलते थे, वही खेल हमने सीखा है उनसे। ये कहा गया कि किसानों का कर्ज माफ होगा, पर क्या हुआ? बल्कि किसानों की जान चली गई। ये बहुत बड़ा धोखा है- अखिलेख यादव

रिपोर्ट :- प्रियरंजन “सुमन “

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