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महाराष्ट्र: दूध आंदोलन रहा बेअसर, सरकार नहीं देगी किसानों को ₹5 की सब्सिडी

महाराष्ट्र के किसान अपनी मांगो को लेकर सड़क पर उतरे हुए हैं। किसानो को दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए सरकार से मांग कर रहे हैं महाराष्ट्र में दूध आंदोलन को चार दिन हो गए हैं। कल रात राज्य सरकार ने स्वाभिमानी शेतकरी संघठन के अध्यक्ष राजू शेट्टी के साथ बैठक की, दो घंटे चली इस बैठक में राजू शेट्टी ने अपनी मांगे कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन के सामने रखी। इनमे से कुछ मांगे पूरी करने के लिए सरकार तैयार भी है, लेकिन किसानों को पांच रुपए सब्सिडी देने पर सरकार और राजू शेट्टी के बीच बात नहीं बन पाई।

राज्य में  किसान सरकार से दूध के दाम में बढोत्तरी करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने आंदोलन खत्म करने का निर्णय नहीं लिया है। पूरे महाराष्ट्र में किसानों को दूध का जो मूल्य मिलता है वो अलग-अलग है। ऐसे में राज्य के लिए एक ही मूल्य निश्चित किया जा सकता है।

किसानों की मांग क्या है?

कीमत बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि  एक लीटर दूध के उत्पादन में 30 रुपये खर्च आता है। सरकार ने प्रतिलीटर दूध की कीमत 27 रुपए तय कर रखी है। दूध के फैट के हिसाब से 17 से 25 रुपये ही भुगतान करते हैं। एक लीटर दूध पर किसानों को 10 रुपए नुकसान हो रहा है।  बता दें कि किसान दूध के दाम प्रतिलीटर 5 रुपए बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सरकार दूध खरीदने वाले सहकारी और निजी संगठनों से 3 रुपए प्रतिलीटर कीमत बढ़ाने की बात कही है।

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