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उत्तरप्रदेश में लाॅकडाउन बढाया जा सकता है, जाने सरकार क्या विचार कर रही है?

राजेश तिवारी विशेष संवाददाता लखनऊ – कोरोना संक्रमण को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के लिये सरदर्द साबित हो रहे तबलीगी जमात के कारण लाकडाउन निर्धारित समयावधि पर खुलने में संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। लॉक डाउन बढ़ने को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय ने सफाई दी है ,कार्यालय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया है, अभी अधिकृत घोषणा नहीं हुई है ,फिलहाल लॉक डाउन दो हफ्ते बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि राज्य में कोविड-19 संक्रमित मरीजों की संख्या 278 से बढ़कर 305 हो गयी है जिसमें आधे से अधिक तबलीगी जमात से जुड़े लोग हैं। उन्होने अपील करते हुये कहा कि जीवन के महत्व को समझते हुये मरकज से लौटने वाले लोग स्वयं आगे आकर अपनी जांच कराएं
अवस्थी ने कहा कि कोरोना पाॅजिटिव मरीजों के बढ़ने से प्रदेश की स्थिति संवेदनशील हो गयी है और जब तक प्रदेश में तीनों श्रेणी के लोगों को चिन्हित नहीं कर लिया जाता, तब तक लाॅकडाउन खोलने का निर्णय लिया जाना जनहित में उचित नहीं होगा। तबलीगी जमात के कोरोनो पाॅजिटिव लोगों की संख्या बढ़ने के कारण 14 अप्रैल के बाद लाॅकडाउन खुलने पर संदेह है। उन्होंने बताया कि तीन तरह की श्रेणी बनाकर सर्विलांस की प्रक्रिया निरंतर चल रही है। प्रथम श्रेणी के अन्तर्गत उन्हें रखा गया है, जो स्वयं संक्रमित है, जबकि दूसरी श्रेणी में सीधे उनके सम्पर्क में आये लोगों को रखा गया है। तीसरी श्रेणी में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जो दूसरी श्रेणी के लोगों के सम्पर्क में रहे हैं। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि तबलीगी जमात से जुड़े 1600 लोगों को अब तक चिन्हित किया जा चुका है और इनमे से 1200 से अधिक को क्वारंटीन किया गया है। कोरोना महामारी से निपटने के लिये जनसहयोग की जरूरत पर बल देते हुये उन्होने कहा कि लाॅकडाउन के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिये युवा वर्ग को जोड़ते हुये मोहल्ला वाॅरियर बनाये जायें। चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि प्रदेश के 10 राजकीय मेडिकल कालेजों में स्थापित टेस्टिंग लैब को अपग्रेड किया जाये। इसके अतिरिक्त 14 अन्य मेडिकल कालेजों में टेस्टिंग लैब की स्थापना किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में मेडिकल कालेज नहीं हैं, उन जिलों के जिला चिकित्सालयों पर सैम्पल कलेक्शन सेंटर स्थापित किये जायेंगे। टेस्टिंग लैब को अपग्रेड किये जाने एवं नये टेस्टिंग लैब की स्थापना पर संभावित व्यय का वहन कोविड केयर फण्ड से किया जायेगा। अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां एनेक्सी भवन में राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित एकीकृत आपदा नियंत्रण केन्द्र का लोकार्पण किया। यह केन्द्र राज्य स्तरीय विभिन्न विभागों के साथ जुड़कर कोविड-19 महामारी के रोकथाम एवं राहत से संबंधित सूचनाएं एकीकृत रूप से प्राप्त करेगा। इसके साथ ही केन्द्र प्रदेश के समस्त डिस्ट्रिक्ट कण्ट्रोल रूम से भी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ा हुआ है। इसे प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं यथा 112, 1076, 1090, 102 और 108 आदि से भी शीघ्र ही जोड़ा जायेगा।अपर मुख्य सचिव ने बताया कि लाॅक डाउन के दौरान पुलिस ने 9955 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई। अब तक कुल 32132 लोग गिरफ्तार किये गये। प्रदेश में कुल 5355 बैरियर व नाके स्थापित किये गये हैं तथा अब तक 1136214 वाहनाें की सघन चेकिंग में 17244 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 47220809 रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। उन्होने बताया कि आवश्यक सेवाओं के लिये 149715 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 276 लोगों के खिलाफ 203 एफआईआर दर्ज करते हुए 94 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार फेक न्यूज पर कड़ाई से नजर रख रही है। आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले जौनपुर के एक व्यक्ति के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गयी है, जबकि हरदोई के ग्राम पंचायत अधिकारी को निलम्बित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त कुछ लोगों के सोशल एकाउंट सस्पेंड किये गये हैं और कुछ पर कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि टिक-टाॅक पर कई मामले आपत्तिजनक पाये गये हैं। अवस्थी ने बताया कि निःशुल्क खाद्यान्न वितरण के अन्तर्गत 1,32,16,546 राशन कार्ड (अंत्योदय की संख्या सहित) के सापेक्ष 71,03,202 खाद्यान्न का वितरण किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में प्रचलित कुल 3,52,93,328 राशन कार्ड के सापेक्ष 2,07,51,084 कार्ड पर खाद्यान्न का वितरण किया गया है। इसी क्रम में प्रदेश में धार्मिक, स्वैच्छिक एवं जिला प्रशासन तथा अन्य सरकारी संस्थाओं द्वारा कुल 1066712 फूड पैकेट्स उपलब्ध कराये गये। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में डोर-स्टेप-डिलीवरी व्यवस्था के अन्तर्गत 21393 स्टोर क्रियाशील हैं, जिनके माध्यम से 50024 डिलीवरी मैन आवश्यक सामग्री निरंतर पहुंचा रहे हैं। प्रदेशवासियों को फल एवं सब्जी उपलब्ध कराये जाने के लिए कुल 44765 वाहनों की व्यवस्था की गयी है। इसी क्रम में कुल 41.15 लाख लीटर दूध उपार्जन के सापेक्ष 27.96 लाख लीटर दूध का वितरण 18061 डिलीवरी वैन के माध्यम से किया गया है। अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत निर्माण कार्यों से जुड़े 11.04 लाख श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार रूपए की धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से भेजी गई है। इसके अतिरिक्त नगरीय क्षेत्र के 199704 श्रमिकों को भी एक-एक हजार रूपए की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की 25418 फैक्ट्री से सम्पर्क किया गया, जिनमें 22176 द्वारा अपने श्रमिकों को वेतन का वितरण कर दिया गया है। सेनेटाइजर की 40 नई इकाईयों को आवश्यक स्वीकृति के उपरान्त एल्कोहल आवंटित कराते हुए कुल 99 इकाईयां क्रियाशील हैं। प्रदेश में मेडिकल इक्युपमेंट एवं दवा निर्माण आदि से सम्बंंिधत 452 इकाईयों में से 410 इकाईयां कार्यरत हैं ।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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