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मिनटों में बनेगा आपका Resume, जॉब सर्च में मिलेगी मदद, LinkedIn लाया शानदार AI फीचर

 LinkedIn New AI Feature: वर्कफोर्स में हो रहे तेजी से बदलाव से प्रोफेशनल्स और एम्प्लॉयर्स को भी राहत मिलने जा रही है. दरअसल, LinkedIn ने AI-पावर्ड टूल का पूरा सूट लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि इससे डक्टिविटी और सक्सेस को बढ़ावा मिलेगा. ये फीचर अब दुनियाभर में प्रीमियम ग्राहकों के लिए उपलब्ध है. इस सूट में कई और फीचर्स दिए गए हैं, जिसमें AI-पावर्ड जॉब सर्च, बायोडाटा और कवर लेटर असिस्टेंस, पर्सनलाइज्ड लर्निंग, Ai-ड्रिवन एक्सपर्ट असिस्टेंस और रिक्रूटर्स, मार्केटर्स और छोटे बिजनेस के लिए एडवांस टूल्स शामिल हैं. 

लिंक्डइन ने नए फीचर्स के बारे में दी डिटेल जानकारी

 LinkedIn ने इस बारे में डिटेल में जानकारी दी है. अपनी जॉब सर्च को कारगर बनाने के लिए अब यूजर्स  लिंक्डइन के AI-पावर्ड जॉब एक्सपीरियंस का फायदा उठा सकते हैं. जॉब सीकर कोच यूजर्स को यूजर्स को आसान भाषा में सारी डिटेल पूछेगा और फिर उसी अनुसार उसे जॉब ढूंढने में मदद करेगा. कंपनी का कहना है कि इससे 2030 तक वर्कप्लेस स्किल फील्ड में 68 प्रतिशत बदलाव लाएगा. इस फीचर के आने से लोग ना सिर्फ आसानी से जॉब सर्च कर पाएंगे, बल्कि अपनी सीवी भी आसानी से बना पाएंगे, जिसमें एआई टूल उनकी मदद करेगा. प्रीमियम ग्राहक रियल-टाइम में लिंक्डइन कोर्स के साथ इंटरेक्ट कर सकते हैं. साथ ही साथ अपने टॉपिक को भी आसानी से पूछ सकते हैं. 

बिजनेस के लिए भी कई नए फीचर्स जारी

लिंक्डइन ने बिजनेस के लिए भी कई नए फीचर्स जारी किए हैं. कंपनी का ये नया Recruiter 2024 अब ग्लोबल लेवल पर उपलब्ध है. बिजनेस पर्सन को इससे बहुत फायदा होने की संभावना है. छोटे बिजनेस प्रीमियम कंपनी पेजों से लाभ उठा सकते हैं. इन्हें AI-गाइडिड मैसेजिंग और कस्टम CTA के साथ ग्रोथ बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है. 

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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