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अभिषेक बच्चन से पहले इस एक्टर से हुआ था करिश्मा कपूर को प्यार, आज हैं तनुजा के दामाद…

Karisma Kapoor-Ajay Devgn Love Story: 90 के दशक में करिश्मा का नाम बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में आता था. करिश्मा, कपूर खानदान से जरूर आती हैं, लेकिन फिल्मी दुनिया में उन्होंने अपने दम पर अपनी पहचान बनाई है. करिश्मा खूबसूरती के साथ-साथ एक्टिंग और डांसिंग में भी माहिर हैं. करिश्मा ने अपने करियर के पीक पर बिजनेसमन संजय कपूर से शादी की थी, जिनसे उनका बाद में तलाक हो गया. करिश्मा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहीं. संजय कपूर से पहले भी एक्ट्रेस की लाइफ में दो लोग आए.

करिश्मा कपूर-अजय देवगन का रिश्ता 
जी हां, बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि करिश्मा कपूर और अजय देवगन भी एक समय में एक दूसरे को डेट कर चुके हैं. अपने करियर के पीक पर करिश्मा कपूर अजय देवगन से दिल लगा बैठी थीं. दोनों सुहाग, जिगर जैसी फिल्मों में साथ नजर आए. साथ में काम करने के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्यार हो गया. लेकिन इस बीच अजय देवगन का नाम रवीना टंडन के साथ जुड़ा, जिसके बाद करिश्मा ने उनसे रिश्ता तोड़ दिया.

अभिषेक बच्चन से हुई सगाई 
इसके बाद करिश्मा का नाम अभिषेक बच्चन के साथ जुड़ा. करिश्मा और अभिषेक की शादी होने वाली थी. दोनों एक दूसरे से पागलों की तरह प्यार करते थे. जब करिश्मा और अभिषेक की मुलाक़ात हुई, तब करिश्मा सुपरस्टार थीं और अभिषेक फिल्मों में नए थे. अचानक ही 2002 में खबर आई कि करिश्मा-अभिषेक शादी कर रहे हैं. दोनों की सगाई भी हो गई, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक चल नहीं पाया और सगाई के पांच महीने बाद ही दोनों एक-दूसरे से अलग हो गए. कहते हैं कि बबीता अभिषेक और करिश्मा की शादी से खुश नहीं थीं.

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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