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सास शर्मिला टैगोर के बर्थडे पर बहू करीना कपूर ने क्या कहा, पोती सारा अली खान ने भी लुटाया प्यार

Kareena Kapoor On Sharmila Tagore Birthday: बॉलीवुड इंडस्ट्री की दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर (Sharmila Tagore) का नाम उन अदाकाराओें की सूची में शामिल हैं, जो 60 से लेकर 70 के दशक तक अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जानी जाती हैं. बीते 8 दिसंबर को शर्मिला टैगोर ने अपने जीवन के 78 साल पूरे किए हैं. ऐसे में शर्मिला टैगोर के जन्मदिन के पर उनकी बहू और एक्ट्रेस करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) और नातिन सारा अली खान (Sara Ali Khan) ने उन्हें बर्थडे विश किया है. 

करीना-सारा ने शर्मिला टैगोर को दी जन्मदिन की बधाई

दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर के जन्मदिन के मौके पर सोशल मीडिया पर तमाम लोग उन्हें बर्थडे विश कर रहे हैं. ऐसे में भला उनके परिवार के सदस्य इस मामले में कैसे पीछे रह सकते हैं. अपनी सास को जन्मदिन की बधाई देते हुए बॉलीवुड सुपरस्टार करीना कपूर खान ने अपनी इंस्टा स्टोरी में शर्मिला टैगोर और खुद की तस्वीर को शामिल रखा है.

इस फोटो पर करीना ने लिखा है कि- ‘आपको जन्मदिन मुबारक हो मेरी खूबसूरत सासू मां.’ बहू करीना के अलावा शर्मिला टैगोर की पोती सारा अली खान ने भी अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर दादी को बर्थडे विश किया है. सारा ने अपनी इंस्टा स्टोरी में शर्मिला टैगोर के साथ तस्वीर शेयर कर लिखा है कि- ‘जन्मदिन मुबारक हो बड़ी मां, आपका बहुत धन्यवाद हमारा एक सॉलिड पिलर बनने और सपोर्ट के लिए, मैं कोशिश कर रही हैं कि 10 में से 1 प्रतिशत में आपकी तरह बन जाऊं.’ इस तरह से करीना और सारा ने शर्मिला टैगोर को बर्थडे विश किया है. 

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शर्मिला टैगोर ने इन फिल्मों में दिखाया दमखम

अपने जमाने की सबसे दमदार एक्ट्रेस में शर्मिला टैगोर (Sharmila Tagore) का भी नाम शामिल होता है. ‘आराधना, कश्मीर की कली, अमर प्रेम, अपुर संसार, सफर और आ गले लग जा’ जैसी कई ऐसी फिल्में हैं, जिनमें शर्मिला टैगोर ने अपनी कमाल की एक्टिंग का दमखम दिखाया है.

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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