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काजोल की ‘सलाम वेंकी’ ऑनलाइन हुई लीक, मेकर्स को लगेगा तगड़ा झटका

Salaam Venky Online Leaked: काजोल (Kajol) और विशाल जेठवा (Vishal Jethwa) की फिल्म सलाम वेंकी (Salaam Venky) शुक्रवार को सिनेमाघरों पर रिलीज हो चुकी है. मां-बेटे की इस कहानी को देखकर हर किसी की आंखों में आंसू आ रहे हैं. सलाम वेंकी के रिलीज होते ही फिल्म के मेकर्स को बड़ा झटका लग गया है. रिलीज के कुछ घंटों बाद ही ये फिल्म ऑनलाइन लीक हो गई है. लोग इस पाइरेटिड साइट्स से एचडी में डाउनलोड करके देख रहे हैं. जिसकी वजह से इसके कलेक्शन पर असर पड़ेगा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक सलाम वेंकी कई पाइरेटिड साइट्स पर एचडी में मिल रही है. जिसे लोग डाउनलोड करके देख रहे हैं. बता दें, ये पहली बार नहीं है जब कोई फिल्म रिलीज होने के बाद ऑनलाइन लीक हो गई है. इससे पहले दृश्यम, फ्रेडी और कई फिल्मों को इसका सामना करना पड़ा है. पाइरेटिड साइट्स पर फिल्में रिलीज के कुछ घंटों बाद ही एचडी में मिलने लगती हैं.

मेकर्स को लगेगा झटका
सलाम वेंकी के ऑनलाइन लीक होने का सीधा असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर पड़ने वाला है. जिसकी वजह से फिल्म को बजट जितना कलेक्शन करने में भी 
टाइम लगेगा. 30 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने ओपनिंग डे पर बहुत ही कम कलेक्शन किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सलाम वेंकी ने पहले दिन महज 60 लाख का बिजनेस किया है.

सलाम वेंकी की बात करें तो इसमें एक मां के चैंलेज दिखाए गए हैं. फिल्म में काजोल और विशाल के साथ राहुल बोस, राजीव खंडेलवाल, प्रकाश राज और अहाना कुमरा अहम किरदार निभाते नजर आए हैं. साथ ही आमिर खान का कैमियो है जो उनके फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है.

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ऐसा था आमिर के साथ काम का अनुभव
काजोल ने आमिर खान के साथ दोबारा काम करने का अनुभव शेयर किया था. उन्होंने एक न्यूज पोर्टल से बातचीत में कहा था- आमिर बहुत शानदार हैं. आमिर के बारे में खास बात ये है कि वह काम स्टाइल के लिए नहीं करते हैं. 

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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