विशेष पोस्ट

पति को है ‘पोर्न’ की लत, पत्नी की सुप्रीम कोर्ट से गुहार- साइटों पर लगे प्रतिबंध

नई दिल्ली : एक महिला ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर पोर्नोग्राफिक वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. खास बात यह है कि महिला ने अपील में दावा किया है कि वह घरेलू हिंसा का शिकार हो गई है क्योंकि उसका पति पोर्न का आदी हो गया है. महिला ने कहा है कि इस तरह की साइटों पर पूरी तरह से बैन होना चाहिए.

अपने जीवन के 32 साल अपना वैवाहिक घर बनाने में लगाया

केमिकल इंजीनियर महिला ने कहा कि उसने गृहिणी के तौर पर अपने जीवन के 32 साल अपना वैवाहिक घर बनाने में लगाया. अपने ‘बेहद महत्वाकांक्षी’ पति का उसके पूरे पेशेवर कॅरियर में समर्थन किया. इसके साथ ही दो बुद्धिमान और अनुशासित बच्चों का लालन-पालन किया, जिनका भविष्य अच्छा है.

समय का काफी हिस्सा पोर्नोग्राफी को देखने में लगाते हैं

महिला ने अपनी याचिका में कहा, ‘मेरे पति कुछ समय से पोर्न के आदी हो गए हैं और अपने बेशकीमती समय का काफी हिस्सा पोर्नोग्राफी को देखने में लगाते हैं. पोर्नोग्राफी आजकल इंटरनेट के माध्यम से सहज उपलब्ध है और परिणामस्वरूप मेरे पति पोर्नोग्राफिक वीडियो, फिल्म और तस्वीरें देखने की लत का शिकार हो गए हैं. इसने मेरे पति का दिमाग विकृत कर दिया है और मेरी शादीशुदा जिंदगी को तबाह कर दिया है.’

परिणामस्वरूप उनके द्वारा की जाने वाली घरेलू हिंसा का शिकार हैं

महिला ने कहा कि वह अपने पति के पोर्न की लत और उसके बाद उनके विकृत बर्ताव के परिणामस्वरूप उनके द्वारा की जाने वाली घरेलू हिंसा का शिकार है. महिला ने कहा कि उनके पति के पोर्न की लत की वजह से उनके बच्चे भी पीड़ित हैं और इसके लिए उन्होंने पोर्न वेबसाइटों की सहज उपलब्धता को जिम्मेदार ठहराया.

उपलब्धता भारत में पारिवारिक मूल्यों को काफी नुकसान पहुंचा रही है

महिला ने अपनी याचिका में कहा, ‘हिंसक और हार्डकोर पोर्न वेबसाइटों की सहज उपलब्धता भारत में पारिवारिक मूल्यों को काफी नुकसान पहुंचा रही है. सभी आयु वर्ग के लोग पोर्न के लत की वजह से विकृत और नैतिक रूप से दिवालिया हो रहे हैं.’ याचिका में कहा गया है, ‘मेरे पति अधेड़ावस्था में हैं लेकिन वह अब भी पोर्न की लत की वजह से पथभ्रष्ट हो गए हैं तो आप कल्पना कर सकते हैं कि यह लत इस देश के युवाओं और बच्चों के कोमल मन के साथ क्या कर सकती है.’

नाबालिग लड़कियों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों की एक बड़ी वजह है

महिला ने कहा कि भारत में पोर्न की सहज उपलब्धता महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों की एक बड़ी वजह है. क्योंकि, ज्यादातर पोर्न वीडियो में बच्चों और महिलाओं को खराब रूप में चित्रित किया जाता है. उन्हें वस्तु के तौर पर पेश किया जाता है और उन्हें बदनाम किया जाता है.

चित्रित करने वाले सभी तरह के पोर्न को ब्लॉक किया जाना चाहिए

महिला ने कहा, ‘मेरी राय है कि सभी यौन सामग्री वाली साइटों और महिलाओं को गलत रूप में चित्रित करने वाले सभी तरह के पोर्न को ब्लॉक किया जाना चाहिए. क्योंकि, इस तरह की यौन सामग्री की आसानी से उपलब्धता संपूर्ण विकास के लिए अच्छा नहीं है. युवाओं के मन को रचनात्मक कार्यों में अवश्य लगाया जाना चाहिए और बेहतर भविष्य के लिए उन्हें पोर्न की लत का शिकार होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.’

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

Related Articles

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button