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गोविंदा नाम मेरा का ‘बना शराबी’ गाना रिलीज, विक्की-कियारा बोले- दर्शकों को सुनने में मजा आएगा

Govinda Naam Mera : डांस नंबर ‘बिजली’ के बाद, ‘गोविंदा नाम मेरा’ के निर्माताओं ने विक्की कौशल और कियारा आडवाणी का एक और रोमांटिक ट्रैक ‘बना शराबी’ रिलीज किया है. इसको लेकर अभिनेता ने अपना अनुभव साझा किया है. गाने के बारे में बात करते हुए विक्की कहते हैं, ‘बना शराबी’ वह सुंदर और सुखदायक गाना है, जिसे आप बार-बार सुनना चाहते हैं. शूटिंग के समय भी कियारा और मुझे गाने को सुनने में बहुत मजा आया. जुबिन और तनिष्क ने इस खूबसूरत गाने को गाया है.”

विक्की ने कहा कि ‘मुझे उम्मीद है कि ऑडियंस ने ‘बिजली’ की जितनी सराहना की है, उतनी ही अब उन्हें ‘बना शराबी’ और एल्बम के आने वाले गानों से भी प्यार करने के लिए तैयार हो जाना चाहिए.” विक्की के साथ रोमांटिक गाने की शूटिंग के दौरान कियारा को भी काफी मजा आया और उन्हें इस ट्रैक से पूरी उम्मीद है कि दर्शकों को इसे सुनने में मजा आएगा.

कियारा ने कहा बना शराबी एक स्पेशल गाना है
कियारा कहती हैं, “बना शराबी एक स्पेशल गाना है, इसमें इतना जीवंत और समकालीन अनुभव है. तनिष्क की रचना और जुबिन की आवाज के साथ गीत के लिए लेखन ने इसे शानदार बना दिया है. मैं वास्तव में उम्मीद करती हूं कि हमारे प्रशंसक इसे उतना ही प्यार करेंगे जितना हम करते हैं.”

हाल ही में आइटम सॉन्ग ‘बिजली’ रिलीज हुआ था
इन दिनों विक्की कौशल की अपकमिंक फिल्म ”गोविंदा नाम मेरा” के चर्चे खूब हो रहे हैं.  विक्की कौशल, कियारा आडवाणी और भूमि पेडनेकर की जोड़ी को पहली बार ऑनस्क्रीन पर देखने के लिए फैंस भी बेताब हैं. फिल्म की स्टारकास्ट जमकर मूवी का प्रमोशन कर रही है. हाल ही में फिल्म का आइटम सॉन्ग ‘बिजली’ रिलीज हुआ था. सॉन्ग को दर्शकों ने काफी पसंद किया था. अब फिल्म का एक और गाना ‘बना शराबी’ को मेकर्स ने रिलीज कर दिया है.

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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