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Free Fire Max में मुफ्त में होगी डायमंड्स की बरसात, बस फॉलो करें ये तीन तरीके

Free Fire Max Free Diamonds: फ्री फायर मैक्स खेलने वाले यूजर्स के लिए हम अच्छी खबर लेकर आए हैं. जो लोग फ्री फायर मैक्स खेलते हैं वो अच्छे से जानते हैं कि गेम में कुछ भी खरीदनें के लिए डायमंड करेंसी का इस्तेमाल किया जाता है. डायमंड करेंसी को खरीदने के लिए भी प्लेयर्स को पैसे देने होते हैं. इस खबर में हम आपको बताएंगे की कैसे बिना जेब खाली किए आप मुफ्त में डायमंड करेंसी ले सकते हैं.

प्ले क्रेडिट्स से मिलेगी डायमंड करेंसी

ऑनलाइन गैमर्स गूगल ओपिनियन रिवार्ड्स ऐप के बारे में जानते होंगे. अगर आपको फ्री में रिवॉर्ड चाहिए तो ये आपके लिए बैस्ट ऐप है. गूगल ओपिनियन में सर्वे रिलीज होते हैं. उन्हें पुरा करके प्लेयर्स प्ले क्रेडिट्स जमा कर सकते हैं. बाद में इन प्ले क्रेडिट्स का इस्तेमाल करके फ्री फायर मैक्स में टॉप-अप करवा कर डायमंड्स करेंसी खरीद सकते हैं.

रिडीम कोड्स हैं काम की चीज

डायमंड करेंसी मुफ्त में खरीदने के लिए प्लेयर्स रिडीम कोड्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. रिडीम कोड्स प्लेयर्स के लिए हर दिन रिलीज किए जाते हैं. रिडीम कोड्स को प्लेयर्स को अच्छे रिवॉर्ड देने के लिए ही बनाए जाते हैं. कई बार इन रिडीम कोड्स में डायमंड करेंसी इनाम के तौर पर मिल जाती है. ज्यादा तो नही पर कुछ डायमंड्स आपको मिल सकते हैं.

मिशन्स पूरा करके मिल सकते है डायमंड्स

फ्री फायर मैक्स गैम में प्लेयर्स को बेनिफिट देने के लिए डेवलपर्स समय-समय पर इन-गेम इवेंट्स को लाइव करते हैं. प्लेयर्स इन में हिस्सा ले सकते हैं. मिशन्स पूरा करके आपकों मुफ्त में प्राइज मिल सकता है और कभी-कभी इन प्राइज में डायमंड्स भी मिल जाते हैं. 

प्लेयर्स को फ्री डायमंड्स को पाने के चक्कर में सावधानी भी बरतनी चाहिए. उनको डायमंड्स जनरेटर्स या फिर मोड ऐप्स से बचकर रहेना चाहिए. इससे आपका डाटा भी लीक हो सकता है. डेवलपर्स भी इन ऐप्स को लीगल नहीं मानते हैं. जिससे आपका अकाउंट भी हमेशा के लिए बंद हो सकता है.

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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