उत्तर प्रदेश

शहीद के घर में सीएम योगी के लिए अधिकारियों ने सोफे और एसी लगवाए फिर उखाड़ ले गए

देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया से बेहद चौकाने वाली खबर सामने आ रही है।बीएसफ के शहीद प्रेमसागर के घर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुक्रवार के दौरे की तैयारियों को लेकर अधिकारियों ने एसी और सोफे लगवा दिए थे जो कि सीएम के जाने के बाद हटा दिए गए । गौरतलब है कि एक तारीख की तड़के कश्मीर के पुँछ इलाके के कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तान द्वारा किए गए सीजफायर में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए थे दुखद ये भी था कि सीमापार आकर पाकिस्तानी सैनिकों ने इन मृत सैनिकों के सिर काटकर उठा ले जाने का दुस्साहस भी किया था । इन्ही शहीद जवानों में प्रेमसागर भी शामिल थे जिनके परिजनों से मिलने मुख्यमंत्री शुक्रवार को देवरिया के टिकमपार गांव पहुंचे थे । खबर है कि मुख्यमंत्री के दौरे के 24 घंटे पहले प्रशासन ने शहीद के घर को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बना दिया ,यहाँ तक कि जिस कमरे में सीएम परिजनों से मिलने वाले थे वहां पर भी तोड़ फोड़ कर विंडो एसी लगवा दी गई ।

शहीद के बेटे ईश्वर चंद्र ने मीडिया को बताया, कि ”मुख्यमंत्री योगी के जाने के आधे घंटे के बाद ही अधिकारियों ने मजदूरों को लगवाकर एसी निकाल लिया ।” ईश्वर चंद्र ने बताया, ”जिस कमरे में हमें मुख्यमंत्री योगी से मिलना था उसमें शुक्रवार सुबह ही बांस-बल्ली के सहारे एसी टांग दी गई थी लेकिन मुख्यमंत्री योगी के जाते ही सारी सुविधाएं हटा दी गईं।शहीद के बेटे ने बताया, ”गुरुवार शाम से ही गांव में अधिकारी आ गए थे। बताया गया कि योगी हमसे मिलने आ रहे हैं। इसके बाद से अधिकारी हमारे घर को व्यवस्थित करने में जुट गए। रातों-रात घर में सोफा-कालीन लाया गया। इतना ही नहीं घर में नए तौलिए भी लाये गए जबकि हमने कहा था कि हमारे घर में साफ तौलिये हैं । रात में ही एक दर्जन मजदूरों को लगा कर घर के अंदर पेंट भी कर दिया गया। केवल इतना ही नहीं गांव की सड़कें भी रातों-रात चमक गईं। इसके अलावा नालियों को भी साफ किया गया।

ईश्वरचंद का कहना था कि मुख्यमंत्री योगी 4.30 पर हमारे घर पहुंचे और उन्होंने चेक सौंपा और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। सीएम करीब आधे घंटे रहे। सीएम के जाने के बाद घर की हालत अब फिर से पहले ही जैसी है ।”सीएम शुक्रवार को शहीद प्रेमसागर के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और 4 लाख का चेक दिया था सीएम के दौरे को लेकर गरुवार शाम से ही शहीद के गांव में अधिकारियों ने डेरा डाल दिया था।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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