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अगर आपकी कॉल हो रही है रिकॉर्ड चुटकियों में चलेगा पता, बस इन बातों पर दें ध्यान

Call Recording: कई बार जब आप मोबाइल से बात कर रहे होते हैं, तो बातों ही बातों में कुछ ऐसी बातें भी हो जाती हैं. जो नहीं होनी चाहिए थी और बाद में उन बातों पर बखेड़ा खड़ा हो जाता है. लेकिन थोड़ी सी सावधानी से इस तरह की चीजों से बचा जा सकता है. या सावधानी के तौर पर भी आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है. ताकि कॉल रिकॉर्डिंग जैसी चीजों से बचा जा सके. बस कुछ बातों का ध्यान रखकर आप इनसे बच सकते हैं.

कॉल रिकॉर्डिंग गैरकानूनी

कई देशों में काल रिकॉर्डिंग गैर कानूनी है. इसी वजह से गूगल, थर्ड पार्टी ऐप यानि किसी और ऐप के द्वारा कॉल नहीं रिकॉर्ड की जा सकती. अब आप केवल स्मार्टफोन में इनबिल्ट ऐप से ही कॉल रिकॉर्ड कर सकते हैं.

कॉल रिकॉर्डिंग अनाउंसमेंट

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अब आने वाले नए मोबाइल फोन से कॉल रिकॉर्डिंग करने पर आपको काल रिकॉर्डिंग की अनाउंसमेंट की आवाज आती है. जिसे सुनकर आप समझ सकते हैं, कि सामने वाला व्यक्ति आपकी कॉल रिकॉर्ड कर रहा है.

बीप की आवाज

जब आप फोन पर किसी से बात कर रहे हों और बीच-बीच में आपको बीप की आवाज सुनाई दे रही हो, तो आप समझ लीजिये कि आपसे हो रही बात की रिकॉर्डिंग की जा रही है या जैसे ही आप मोबाइल पर आने वाली किसी भी कॉल को उठाते ही लंबी सी बीप की आवाज आती है, तो आप समझ जाएं कि आपकी कॉल रिकॉर्डिंग चल रही है.

कॉल रिकॉर्डिंग/कॉल टैपिंग

कई बार लोग कॉल टैपिंग और कॉल रिकॉर्डिंग में कंफ्यूज हो जाते हैं. इसके लिए साधारण सी बात याद रखने की जरुरत है. जब दो लोग आपसे में बात कर रहे हों और उन्हीं में से कोई एक या दोनों एक दूसरे की कॉल रिकॉर्ड कर रहे हों, तो इसे कॉल रिकॉर्डिंग कहते हैं और अगर दो लोगों की बातचीत को कोई तीसरा व्यक्ति रिकॉर्ड कर रहा हो तो, इसे कॉल टैपिंग कहते हैं.

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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