उत्तर प्रदेश

खाद्यान्न वितरण में अनियमित्ता बरते जाने के आरोप में दो राशन डीलर्स के विरूद्व एफआईआर दर्ज तथा दो राशन डीलर्स के कोटे निरस्त

सभी विभागीय अधिकारी पूर्ण संयम और धैर्य के साथ अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करें और सुनिश्चित करें कि जिले के किसी भी नागरिक को आवश्यक सामग्री और सेवाओं की कमी महसूस न होने पाए-जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय *

शहजाद अहमद रिहान (उप संपादक) :- बिजनौर जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय ने कहा कि जिले में लाॅकडाउन के सम्बन्ध में शासन द्वारा निर्गत निर्देशों का अक्षरतः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा उल्लंघन का प्रयास किया जाता है तो उसके विरूद्व कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होनंे बताया कि खाद्यान्न वितरण में अनियमित्ता बरते जाने के आरोप में दो राशन डीलर्स के विरूद्व एफआईआर दर्ज कराई गई है तथा दो राशन डीलर्स के कोटे निरस्त किए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी जिला, तहसील एवं ब्लाॅक स्तर पर बनाए जाने वाले कन्ट्रोल रूप पर जनमानस की ओर से आने वाली शिकायतों का पूरी गुणवत्ता के निस्तारण करना सुनिश्चित करें और संबंधित उपजिलाधिकारियों से सम्पर्क बनाए रखें। उन्होनंे जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्र तथा अपर जिलाधिकारी प्रशासन को शहरी क्षेत्र में नियमानुसार सफाई, सेनिटाईजेशन तथा फोगिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होनंे यह भी निर्देश दिए कि राशन की दुकानों, फल- सब्जी की आढ़तों पर किसी भी अवस्था में भीड़ न होने दी जाए और हर अवस्था में सोशल डिस्टंेन्सिगं का पालन कराया जाना सुनिश्चित कराया जाए।
जिलाधिकारी आज अपरान्ह 3 बजे विकास भवन के सभागार में आवश्यक सेवाओं से संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यवस्थाओं को सुचारू एवं निर्वाध रूप से सम्पन्न कराने के सम्बन्ध मे निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सभी विभागीय अधिकारी पूर्ण संयम और धैर्य के साथ अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करें और सुनिश्चित करें कि जिले के किसी भी नागरिक को आवश्यक सामग्री और सेवाओं की कमी महसूस न होने पाए। उन्होनंे जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि जिस राशन डीलर द्वारा निर्धारित मानक से कम राशन उपलब्ध कराने की शिकायत प्राप्त हो, उसके खिलाफ़ तत्काल एफआईआर दर्ज करायें और उसकी दुकान को सस्पेन्ड करने की कार्यवाही करें। उन्होनंे यह भी निर्देश दिए कि जिला पूर्ति अधिकारी अपने कार्यालय में खाद्यान्न उपलब्धता से संबंधित प्रातः 07 बजे से रात्रि 09बजे तक
कन्ट्रोल रूप स्थापित करें और उसमें दो कर्मचारियों की क्रमवार ड्यूटी लगाएं तथा जो भी शिकायतें प्राप्त हों, उनका गुणवत्तपूर्वक निस्तारण सुनिश्चित करते हुए पूरे विवरण के साथ शिकायती पंजिका में दर्ज करें।
जिलाधिकारी श्री पाण्डेय ने बताया कि शासकीय विभागों एवं अद्र्व शासकीय संस्थानों में सेनेटाईजेशन कराने के लिए जिले के धामपुर, बरकातपुर तथा स्यौहारा चीनी मिलों में 05 लीटर पैक में सेनेटाईजेशन किट उपलब्ध हैं, शासन द्वारा जिसकी क़ीमत रू0 550-00 प्रति किट निर्धारित की गई है, जिसे संबंधित चीनी मिलों से क्रय किया जा सकता है। उन्होनंे मण्डी समिति अधिकारी को निर्देश दिए कि फल एवं सब्ज़ियों के दामों पर नियंत्रण रखें और कोई भी आढ़ती निर्धारित दामों से ज्यादा पर न विक्रय करने पाएं। उन्होनंे अधिशासी अधिकारी नगर पालिकाओं को भी निर्देशित किया कि डोर टू डोर चिन्हित ठेला चालकों को अपने स्तर से निर्देशित करें कि निर्धारित दरों से अधिक फल-सब्जी विक्रय न करें अन्यथा उनके विरूद्व कार्यवाही करते हुए विक्रय आज्ञापत्र निरस्त कर दिए जाएंगे।
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में जन सामान्य की शिकायतों के निस्तारण के लिए कन्ट्रोल रूप स्थापित करते हुए शिफटवाईज कर्मचारियों की ड्यूटी लगायंे और शिकायत रजिस्टर में उनका इंदराज करते हुए अपने स्तर से भी विभागीय शिकायतों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ निस्तारित करना सुनिश्चित करें। उन्होनंे यह भी निर्देश दिए कि सभी विभागीय अधिकारी सुनिश्चित करें लाॅकडाउन अवधि में जनसामान्य की सुविधा अथवा कल्याण से संबंधित कोई भी विभागीय प्राप्त होता है तो उसको सूचना विभाग के माध्यम से प्रचारित प्रसारित कराना सुनिश्चित करें ताकि जनमानस उससे लाभान्वित हो सकें। पशु आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में उन्होनंे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि दुकानदार एवं होम डिलीर्वस के नाम एवं मोबाईल नम्बर नोट करते हुए होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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