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Facebook ने Jio में 43,574 करोड़ रुपये में खरीदी 9.9% हिस्‍सेदारी,जानिए 3 करोड़ छोटे किराना दुकानदारों को क्या फायदा होगा

Delhi: रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (RIL), जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स लिमिटेड और फेसबुक ने बुधवार को घोषणा की कि उनके बीच एक समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत फेसबुक जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स में 43,574 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। फेसबुक के इस निवेश से जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स का प्री-मनी एंटरप्राइज वैल्‍यू 4.62 लाख करोड़ रुपये आंका जा रहा है। फेसबुक इस निवेश के जरिये जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स में 9.9 फीसद हिस्‍सेदारी खरीद रही है।
रिलायंस इंडस्‍ट्रीज ने कहा कि इस निवेश के साथ ही जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स, रिलायंस रिटेल और फेसबुक के वॉट्सऐप के बीच कमर्शियल पार्टनरशिप एग्रीमेंट हुआ है। इसके तहत जियोमार्ट प्‍लेटफॉर्म पर रिलायंस रिटेल के न्‍यू कॉमर्स बिजनेस को वॉट्सऐप के जरिये बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी। साथ ही, वॉट्सऐप पर छोटे कारोबारियों को भी मदद मिलेगी।
छोटे दुकानदारों डिजिटल लेन-देन के लिए होंगे सक्षम
रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर मुकेश अंबानी ने कहा, ‘Jio के विश्व स्तरीय डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म और भारतीय लोगों के साथ फेसबुक के करीबी संबंधों की साझा ताकत के दम पर हम, आप में से हर एक के लिए नए और इनोवेटिव सॉल्यूशन लाएंगे। निकट भविष्य में, JioMart जो कि Jio का नया डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म है और वॉट्सऐप मिलकर, लगभग 3 करोड़ छोटी भारतीय किराना दुकानों को डिजिटल लेन-देन करने में सक्षम बनाएंगे। यह दुकानदार अपने ग्राहकों से डिजिटल लेन-देन कर पाएंगे। इसका मतलब है कि आप सभी स्थानीय दुकानों से रोजाना के सामानों का ऑर्डर और उसकी डिलीवरी ले सकेंगे।
इससे छोटे किराना दुकानदारों को भी अपने व्यवसायों को विकसित करने का मौका मिलेगा। साथ ही डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग करके वे रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकते हैं।
इस सौदे को लेकर रिलायंस इंडस्‍ट्रीज ने कहा कि किसी प्रौद्योगिकी कंपनी में अल्‍प हिस्‍सेदारी के लिए किया जाने वाला ये विश्‍व का सबसे बड़ा निवेश है, और भारत के टेक्‍नोलॉजी सेक्‍टर का सबसे बड़ा प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश (FDI) है। फेसबुक के इस निवेश के साथ ही मूल्‍य के हिसाब से जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स बाजार पूंजीकरण के लिहाज से  कमर्शियल सर्विसेज शुरू करने के मात्र साढ़े तीन साल की अवधि में शीर्ष पांच सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल हो गई है।
फेसबुक के साथ साझेदारी को लेकर मुकेश अंबानी ने कहा, ‘2016 में जब रिलायंस ने जियो लॉन्‍च किया था तो हम भारत के डिजिटल सर्वोदय-भारत का समावेशी डिजिटल उत्‍थान का सपना लेकर चले थे। इसका उद्देश्‍य था कि भारत के प्रत्‍येक व्‍यक्ति की जीवन गुणवत्‍ता में सुधार हो भारत को विश्‍व की अग्रणी डिजिटल सोसायटी में शामिल किया जाए। रिलायंस की तरफ से हम सभी एक दीर्घावधि के साझेदार के तौर पर फेसबुक का स्‍वागत करते हैं। यह साझेदारी भारत के डिजिटल इकोसिस्‍टम में बड़ा बदलाव लाएगी और इससे सभी भारतीय को लाभ हो
फेसबुक और जियो प्‍लेटफॉर्म्‍स के बीच हुआ यह लेन-देन नियामकीय मंजूरियों के अधीन है। इस सौदे की फाइनेंशियल एडवाइजर मॉर्गन स्‍टेनली रही है। एजेडबी एंड पार्टनर्स और डेविस पोक एंड वार्डवेल इस लेन-देन की कानूनी सलाहकार रही है।
इस लेन-देन के बारे में फेसबुक ने कहा, ‘यह निवेश भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है, साथ ही जियो जिस तरह से देश में अप्रत्‍याशित बदलाव लेकर आई है, उसके प्रति हमारे उत्‍साह को दर्शाता है। चार साल से भी कम समय में जियो ने 38.80 करोड़ से अधिक लोगों को ऑनलाइन लाने में बड़ी भूमिका निभाई है। हम जियो के साथ मिलकर और ज्‍यादा लोगों को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’
फेसबुक के इस निवेश से तेल से लेकर टेलिकॉम सेक्‍टर सेक्‍टर की जानी-मानी कंपनी रिलायंस इंडस्‍ट्रीज को अपना कर्ज कम करने में महत्‍वपूर्ण रूप से मदद मिलेगी।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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