टैकनोलजी

EVM का मुद्दा नया नहीं, AI, ChatGPT और Recall पर भी सवाल उठा चुके हैं एलन मस्क

Elon Musk EVM Controversy: एलन मस्क हमेशा से अपने अजीबोगरीब बयानों के चलते सुर्खियों में बने रहते हैं. मस्क ने हाल ही में भारत के चुनावों में इस्तेमाल होने वाली EVM मशीन की आलोचना की है. मस्क के मुताबिक EVM को इंसानों और AI से कंट्रोल किया जा सकता है. जिसके चलते इसे बंद कर देना चाहिए. मस्क के इस बयान ने आग में तेल का काम किया. इस बयान के बाद भारतीय राजनिति में वाद विवाद का सिलसिला शुरू हो गया. विपक्ष ने सरकार पर उंगली उठाना शुरु कर दिया. मस्क के बयान का साहारा लेते हुए राहुल गांधी ने EVM को ब्लैक बॉक्स बता डाला. ऐसा पहली बार नहीं है जब एलन मस्क ने किसी चीज की आलोचना की हो. इससे पहले मस्क AI से लेकर विंडोज 11 तक की आलोचना कर चुके हैं. 

AI को बता चुके हैं खतरनाक टेक्नोलॉजी

एलन मस्क का नाम दुनिया के उन लोगों में आता है, जोकि खुलकर AI का विरोध करते हैं. SpaceX और Tesla के मालिक एलन मस्क AI के आने की शुरुआत से ही मस्क समय-समय पर इसकी आलोचना करते आए हैं. उनके मुताबिक AI इंसानियत के लिए बड़ा खतरा है.  AI की वजह से लोगों की नोकरियों पर खतरा मंडरा रहा है. यही नहीं एलन मस्क AI के डेवलपमेंट को रोकने की भी बात कहे चुके हैं. मस्क ChatGPT का भी विरोध करते आए हैं. 

Recall फीचर की भी कर चुके हैं आलोचना

एलन मस्क और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ बिल गेट्स के बीच की टकरार कई बार देखी जा चुकी है. इसी क्रम में माइक्रोसॉफ्ट के Recall फीचर की भी खुलकर आलोचना कर चुके हैं. यही नहीं मस्क ने तो Recall फीचर की तुलना ब्लैक मिरर एपिसोड से की है. बता दें कि ब्लैक मिरर एपिसोड Netflix की एक सांइस फिक्शन सीरीज है. जिसमें दिखाया गया है कि कैसे समाज में अराजकता पेदा कर सकते हैं.

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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