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डॉ. आई. ए. खान-एक बहु आयामी व्यक्तित्व

डॉ आई ए खान
 मेरठ:आज समाज सेवा का भूत चारों ओर छाया है एन जी ओ समाज सेवा के नाम पर स्वंम के हित में अधिक कार्ये कर रही हैं और फोटो, खबर पर अधिक ध्यान रहता है ।ऐसी गाड़ियों में सैर करते हैं खूब पार्टियाँ होती हैं और सरकारी धन और तंत्र का ख़ूब दुरुपयोग किया जा रहा है। शिक्षा का पूर्ण रूप से बाज़ारीकरण हो गया है।निर्धन के लिए अच्छी शिक्षा एक सपना ही रह गया है। बालिकाओं के लिए तो बहुत दयनीय हालत है।ऐसे व्यवसाईकरण, स्वार्थी, छदम देश भक्ति और छल कपट के दौर में एक सच्चा देशभक्त निःस्वार्थ सेवक भी है जो तन मन धन सेज़रूरत मंदों की सेवा में लगा है। फैज़-ए-आम कॉलेज मेरठ के रसायन विभाग के अध्यक्ष तथा 70 यूपी एन सी सी वाहिनी की शान, अधिकारी ,कप्तान डॉ आई ए खान एक सच्चे देशभक्त और आदरणीय मदन मोहन मालवीय और आदरणीय सर सयैद अहमद खां के सच्चे अनुयाई हैं जो हर समय ज़रूरत मंदों की सहायता लिए तैयार रहते हैं। डॉ आई ए खान  के व्यक्तित्व को कुछ शब्दों में बाँचना स्वयं में एक चुनौती है। उनके जीवन और व्यक्तित्व के इतने विविध आयाम हैं, उनकी कर्म-साधना के भिन्न-भिन्न स्तर हैं कि सभी को समग्रता व सहजता से समेटना संभव नहीं।  संस्कारों के सहज संरक्षक, परंपराओं के पोषक, शिक्षा के उन्नायक; वे इस युग में महापुरुषों के पर्याय ही हैं। उनके बहुआयामी व्यक्तित्व के अनेकानेक आलोक दीप अंतर्मानस में झिलमिलाते रहते हैं।
डॉ आई ए खान समाज से ठुकराई हुई मलीन बस्ती की अनाथ, बेसहारा, बाल मज़दूर ,कूड़ा करकट में जीविका तलाशने वाली मजबूर बालिकाओं को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए ,शिक्षित करने के लिए पूरी इमांदारी के साथ कार्यरत हैं। हज़ारों विरोध ,दुर्व्यवहार ,चोरी, धमकियों को झेलते हुए किराए के मकान में एक पाठशाला शुरू की जो कई स्थानों पर रही।अंत में “बालिका साक्षर,सशक्त, आत्मनिर्भर बनाओ अभियान”के अंतर्गत व”जगाना है,पढ़ाना है और बढ़ाना है अभिमान” स्लोगन के साथ बैंकों से एक बहुत बड़ा क़र्ज़ लेकर “”बलिशास्त्री नगर हापुड़ रोड मेरठ के सेक्टर 13 में एक शानदार भवन बनाया है जिसमें सभी प्रकार की सुविधाएं हैं। नाम है “”एफर्ट अकादेमी फ़ॉर स्लम गर्ल्स मेरठ”” ।जिसमें 200 से अधिक बालिकाएं यूपी बोर्ड की ज शिक्षा के साथ साथ व्यवासियक प्रशिक्षण -कंप्यूटर शिक्षा, सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, मेंहदी सज्जा, ब्यूटिशियन सज्जा और पत्रकारिता आदि योग्य अनुभवी 6 अध्यापिकाओं द्वारा प्राप्त कर रही हैं। अनेकों बालिकाएं जीविका में अपने माता पिता का हाथ बंटा रही हैं।500 से अधिक बालिकाओं को निःशुल्क पुस्तकें, कापियां, लेखन सामग्री, वर्दी ,जूते ,प्रशिक्षण में प्रयुक्त सामग्री वितरित की किन्तु लगभग 200 बालिकाएं ही स्कूल आ रही हैं। खान सर की कोई संतान नहीं है वे बालिकाओं को अपनी संतान का ही प्यार करते हैं और बालिकाएं   उन्हें “अंकल खान”पुकारते हैं। विशेषता यह है कि अंकल खान किसी तरह का दान सहायता नहीँ लेते हैं। न खाने की परवाह,न आराम की परवाह ,न सोने की चाहत ही है।हर वक़्त ग़रीबों की खिदमत का जुनून सवार रहता है सर पर।अपने पूर्ण वेतन के साथ साथ 30% से 40% अतरिक्त खर्च घर से करते हैं । आज जूनियर हाई स्कूल तक क्लास चल रही हैं और मेरा मानना है कि70 लाख रु खर्च हो चुके हैं और आज अकादेमी का ख़र्च लगभग 90 हज़ार रुपये प्रति माह से अधिक है। सभी बालिकाएं पूरी लगन के साथ पढ़ रही हैं।और संस्कार भी सीख रही हैं।बालिकाओं के स्वस्थ के लिए खेल कूद की व्यवस्था भी है।
आत्म रक्षण के लिए अंतर राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कु पूनम विश्नोई बालिकाओं को जूड़ो कराटे भी सिखाएंगी। बालिकाओं को इंटरनेट से भी जोड़ा जा रहा है।। पिछले 26 वर्षों से निर्धन छात्र, छात्राओं को इंटर, मेडिकल, इंजीनियरिंग प्रतियोगिता परीक्षा की कोचिंग चला रहे हैं तथा गाइड, पुस्तकें भी निःशुल्क देते हैं 30 हज़ार से 35 हज़ार छात्र, छात्राओं को सफल मार्ग दिखा चुके हैं ।जो डॉ, इंजीनियर, अध्यापक, वकील, अधिकारी, सेना की सेवाएं पाकर सुखीजीवन गुज़ार रहे हैं और देश सेवा में लगे हैं। अपने स्कूल के छात्रों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पढ़ते हैं और हर प्रकार की सहायता करते हैं।। एन सी सी में भी खान सर की सेवाएं अदिवितये हैं । राष्ट्रीय स्तर व राज्ये स्तर के अनेकों सम्मान सर को प्राप्तहैं।जो किसी और एन सी सी के अधिकारी को प्राप्त नहीं हैं।और यूपी के एक मात्र अधिकारी हैं जिन्होंने ने गणतंत्र दिवस परेड कैंप, थल सैनिक कैंप,प्रधान मंत्री रैली कैंप तथा राष्ट्रीय स्तर के कैम्पों में प्रदेश का प्रतिनिधित्व अनेकों बार किया है। सेना अधिकारियों द्वारा खान सर को ONE. MAN NGO का ख़िताब दिया गया है।।प्रशसनिक व सामाजिक संगठनों के साथ सामाजिक कार्यो में भी आगे आगे रहते हैं।और बढ़ चढ़ कर काम करते हैं। अनेकों सम्मान भी खान अंकल को मिल चुके हैं ।
अंकल खान का सपना एक इंटर कॉलेज तथा महिला आई टी आई बनान है इंशा अल्लाह । खुदा कामयाबी ज़रूर देगा आमीन सुम्मा आमीन। आप सब भाई बहन भी दुआ करें कि खुदा कामयाबी दे और अंकल खान को सेहतमंद लम्बी आयु दे ताकि समाज की और खिदमत कर सकें बालिकाओं को आगे बढ़ने में मदद मिल जाए।
विज्ञान भवन दिल्ली में “एफर्ट अकादमी फॉर स्लम गर्ल्स मेरठ”की छात्राओं के साथ ममता शर्मा, शमीना शफ़ीक(NWC) और डॉ आई.ए. खान

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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