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देखिए, दिल्ली के MCD चुनाव में EVM ने कैसे केजरीवाल को हराया…

केजरीवाल ने चुनाव से एक दिन पहले ही ईवीएम की गड़बड़ियों के लेकर आशंका जताई थी. यदी चुनाव में हार हुई तो ईंठ से ईंठ बजा देंगे, लेकिन ट्विटर पर लोगों ने हां में हां मिलाते हुए कैसे ईंठ से ईंठ बजाई

अब एमसीडी का रिजल्ट सामने है और केजरीवाल जी का जनादेश भी समझ आ गया है. अब केजरीवाल की ही कही टोटल रिकॉल की बात पर केजरीवाल के इस्तीफे की बात होने लगी है. ईवीएम के नाम पर बवाल और बैलट पेपर की मांग करके केजरीवाल ने अपनी बात को सच साबित करने की और अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने की तैयारी भी कर ली है.

गोपाल राय ने तो बोल भी दिया कि ये जो जीत है ये मोदी लहर नहीं ईवीएम लहर है और अगर लोकतंत्र ईवीएम से तय होने लगा तो ये लोकतंत्र को एक खतरा है. और इस देश के हर नागरिक को ये सोचना चाहिए कि ईवीएम की लहर से कैसे इस देश को बचाया जाए. आम आदमी पार्टी इन सभी बिंदुओं पर विचार करेगी.

इतना ही नहीं केजरीवाल ने तो नतीजों से पहले ही ये कह दिया था कि अगर उनकी पार्टी हारी तो वो ईंठ से ईंठ बजा देंगे. लेकिन एमसीडी का एक नतीजा ट्विटर पर भी सामने आया है. ट्विटर पर भी लोगों ने ईवीएम को ही जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की, लेकिन किस तरह से ये आप खुद ही देख लीजिए. लोगों की ट्वीट से ये साफ जाहिर होता है कि ईवीएम की वजह से ही शायद आप पार्टी हार गई!

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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