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COVID19 लॉकडाउन: 15 से मिलेगी बाहर निकलने की छूट, लेकिन कुछ ऐसी हो सकती हैं शर्तें

क्या 14 अप्रैल के बाद लोग ‘आजाद’ घूम पाएंगे जैसे कोरोना वायरस लॉकडाउन से पहले घूमते थे, इस वक्त सभी के मन में यह सवाल चल रहा है। 21 दिन के लॉकडाउन खत्म होने की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है केंद्र और राज्य सरकारें भी आगे की प्लानिंग में जुटी हैं। सूत्रों की मानें तो 14 तारीख को लॉकडाउन खुलता है तो कुछ शर्तों के साथ खुलेगा। यानी आपको बाहर जाने की इजाजत होगी लेकिन उसपर कुछ नियम होंगे।

ऑड-ईवन, यात्रियों की लिमिट तय करने पर विचार

COVID-19 को लेकर बने मंत्री समूह (GoM) की मंगलवार को बैठक हुई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले इस समूह ने ऑड-ईवन लागू करने, यातायात के सार्वजनिक साधनों में लोगों की संख्या तय करने जैसे सुझाव दिए हैं। GoM ने यह भी सिफारिश की है कि मॉल और स्‍कूल 15 मई तक बंद रखे जाएं और फिलहाल धर्मस्‍थलों पर रोक जारी रहे।
इसका मतलब यह है कि अगर कुछ इलाकों के लोगों को बाहर निकलने की इजाजत दी जाती है, तो उन पर शर्तें लागू रहेंगी। मसलन वाहनों को ऑड-ईवन की तर्ज पर इजाजत दी जा सकती है। यह फॉर्म्युला दिल्ली में पलूशन बढ़ने के बाद लागू किया गया था। इसके साथ ही कार में सवार लोगों के लिए लिमिट भी तय की जा सकती है।

बॉर्डर खोलने का सवाल ही नहीं

14 अप्रैल के बाद एक राज्य से दूसरे राज्य आप बिना किसी रोक-टोक के जा सकें इसकी संभावना बेहद कम है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि स्टेट बॉर्डर खोलने का फिलहाल सवाल ही पैदा नहीं होता। इसके अलावा ट्रेन, मेट्रो और फ्लाइट का सफर फिर शुरू होने का रास्ता भी दूर ही दिखाई देता है। हालांकि, सरकार केमिस्ट, किराना स्टोर के साथ-साथ कुछ और जरूरी चीजों की दुकानों को खोलने की छूट दे सकती है। लेकिन इसमें भी कोरोना के हॉट-स्पॉट और बड़े शहरों के लिए अलग-अलग नियम बनाए जाएंगे।

फिलहाल केंद्र सरकार इसपर चिंतन कर रही है कि लॉकडाउन को 21 दिनों से आगे बढ़ाया जाए। दरअसल, राज्य सरकारों और एक्सपर्ट्स से उसे ऐसे सुझाव मिले हैं। महाराष्ट्र, तेलंगाना, पंजाब और मध्य प्रदेश सभी की सरकारों ने लॉकडाउन बढ़ाने का समर्थन किया है। इसपर आखिरी फैसला 14 अप्रैल से कुछ रोज पहले स्थिति देखकर ही लिया जाएगा। सरकारी सूत्रों ने बताया कि सरकार मानती है कि लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है लेकिन वह पहले इस खतरे से बाहर आना चाहती है।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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