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ChatGPT ने बताया कैसे बन सकते हैं राजनेता

ChatGPT: दुनिया भर में अपनी क्षमता से सनसनी मचाए हुए ओपन एआई का चैटबॉट गूगल के लिए मुसीबत बना हुआ है. ओपन एआई का चैटबॉट ‘चैट जीपीटी’ मशीन लर्निंग पर बेस्ड एक AI टूल है जिसमें पब्लिकली मौजूद डेटा फीड किया गया है. ये चैटबॉट आपके किसी भी सवाल का जवाब टेक्स्ट के फॉर्मेट में सेकंड्स में दे देता है. चैट जीपीटी की लोकप्रियता को देखते हुए ओपन एआई ने हाल ही में इसका प्रोफेशनल प्लान भी पेश किया है जिसमें लोगों को आम यूजर की तुलना में बेहतर सर्विस दी जाएगी. यानि अब चैट जीपीटी की सर्विस पेड भी हो चुकी है.

चैट जीपीटी की क्षमता और ज्ञान की डाइवर्सिटी को जानने के लिए हमने व्यक्तिगत तौर पर इससे भारत की राजनीति पर एक सवाल पूछा. दरअसल, हमने इससे पूछा कि आखिर कोई व्यक्ति कैसे राजनीति में एंट्री कर सकता है?  इस सवाल का जवाब चैट जीपीटी ने महज कुछ शब्दों में दे दिया. अगर आप यही सवाल गूगल करेंगे तो गूगल न जाने आपको कितने लिंक, वीडियो आदि दिखाने लगेगा. यानी वहां आपको रिसर्च करनी पड़ेगी लेकिन चैट जीपीटी आपको तुरंत काम की बात बता देता है.

राजनीति में ऐसे कर सकते हैं एंट्री

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चैट जीपीटी ने बताया कि राजनीति में आने के लिए सबसे जरूरी है कि व्यक्ति भारत का नागरिक हो और वह इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के द्वारा सेट किए गए क्वालिफिकेशन को पूरा करता हो. यानी लोकसभा और राज्य की विधानसभा के लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 25 वर्ष और राज्यसभा के लिए 30 वर्ष होनी चाहिए. इसके अतिरिक्त कैंडिडेट पर कोई भी क्रिमिनल ऑफेंस नहीं होना चाहिए और न ही वो राज्य या केंद्र सरकार के अधीन सरकारी नौकरी पर होना चाहिए. 

एमएलए या एमपी बनने के लिए सबसे पहले आपको नॉमिनेशन पेपर भरना होगा. फिर नॉमिनेशन पेपर की जांच होगी. इसके बाद आपको अपना प्रचार-प्रसार  करना होगा. इसके बाद चुनाव होंगे. चुनाव के बाद वोटों की गिनती होगी जिसमें अगर आप जीत जाते हैं तो इस तरह आप भारत की राजनीति में एंट्री करते हैं.अगर आप एक सक्सेसफुल राजनेता बनना चाहते हैं तो चैट जीपीटी ने बताया कि चुनाव जीतने के बाद आप किसी पार्टी से जुड़ सकते हैं और पार्टी के अधीन रहकर जनता की सेवा कर सकते हैं.

सोशल प्रोफाइल को ऐसे बेहतर बना सकते हैं राजनेता- ChatGPT 

ओपन एआई के चैटबॉट ‘चैट जीपीटी’ ने ये भी बताया कि कैसे कोई राजनेता अपनी डिजिटल प्रोफाइल को बेहतर बना सकता है. चैटबॉट ने बताया कि डिजिटली खुद को स्ट्रांग रखने के लिए राजनेता को सोशल मीडिया ऐप्स पर एक्टिव रहना होगा और अपने क्षेत्र के लोगों की समस्या या उसका समाधान डिजिटली भी पब्लिश करना होगा ताकि उनके द्वारा किया जा रहा काम दूर-दराज तक पहुंचे और लोग उन्हें जाने. इसके अलावा डिजिटल एडवर्टाइजमेंट के जरिए भी राजनेता अपनी प्रोफाइल अच्छी बना सकते हैं. चैट जीपीटी ने बताया कि राजनेता को निरंतर अपने डिजिटल प्रोफाइल की ट्रैकिंग करनी चाहिए ताकि वह जान सके कि उन्हें किस विषय पर ज्यादा काम करने की जरूरत है और कैसे वे लोगों को एंगेज कर सकते हैं.

डिस्क्लेमर! OpenAI के ChatGPT पर सवाल पूछने के बाद जो भी जवाब/प्रतिक्रिया आई हैं, हमने उनका खबर में हूबहू प्रयोग किया है. हम ChatGPT द्वारा दिए गए जबावों या उनके प्रभावों के लिए जिम्‍मेदार नहीं हैं.

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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