विशेष पोस्ट

आम बजट 2017: जानिए, क्या हैं बड़ी बातें

1. मिडल क्लास को राहत, इनकम टैक्स घटाया गया। 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं। 2.5-5 लाख पर 5% टैक्स। 50 लाख से 1 करोड़ तक की वार्षिक आय वालों पर 10% सरचार्ज।

2. स्टार्टअप के लिए कंपनियों को टैक्स सीमा में सात साल के लिए छूट। घरों के लिए कैपिटल गेन टैक्स सीमा घटी।कैपिटल टैक्स सीमा 3 से घटाकर 2 साल हुई। घरों के लिए कैपिटल गेन टैक्स सीमा घटी।कैपिटल टैक्स सीमा 3 से घटाकर 2 साल हुई।

3. 3 लाख से ज्यादा का कैश लेनदेन बंद होगा। राजनीतिक पार्टियों को अब 2 हजार रुपये से ज्यादा चंदे का हिसाब देना होगा। इससे ज्यादा राशि चेक या डिजिटल तरीके से चंदा लेने का प्रावधान। भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम में चेंज करके चंदे के लिए सरकारी बॉन्ड लाए जाएंगे।

4. छोटी कंपनियों के लिए टैक्स 25% हुआ। 50 करोड़ के टर्नओवर वाली कंपनियां अहम। 96% कंपनियां इसी दायरे में।

5. छोटी कंपनियों को टैक्स में छूट, 25% हुआ टैक्स। टैक्स सीमा 3 साल से घटाकर 2 साल की गई। जमीन अधिग्रहण पर मिलने वाले मुआवजे पर टैक्स नहीं लगेगा। आंध्र प्रदेश में जमीन लेने पर कैपिटल टैक्स नहीं लगेगा।

6. नोटबंदी की वजह से पर्सनल इनकम टैक्स में 34.8% की बढ़त हुई। MAT को अभी खत्म करना व्यावहारिक नहीं है इसलिए इसे 15 साल तक जारी रखने का फैसला।

7. 2017-18 में कुल 21,47,000 करोड़ रुपये के खर्च का बजट। रक्षा क्षेत्र के लिए 86,484 करोड़ रुपये के पूंजी व्यय सहित कुल 2,74,114 करोड़ रुपये का आबंटन। इसमें पेंशन राशि शामिल नहीं। राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.2 प्रतिशत तथा 2018-19 में तीन प्रतिशत रखने का लक्ष्य। अगले वित्त वर्ष में राजस्व घाटा जीडीपी का 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान।

8. अरुण जेटली ने काले धन के खिलाफ उठाए गए कदमों को शायरी के अंदाज में कुछ यूं बयां किया,नई दुनिया है, नया दौर है, नई है उमंग, कुछ तो पहले के तरीके तो कुछ हैं आज के रंग-ढंग। रोशनी जो आज आकर टकराई है, कालेधन को भी बदलना पड़ा है अपना रंग।।

9. डाकघरों को फ्रंट कार्यालय बनाया जाएगा। जीपीओ से पासपोर्ट बनेंगे। सैनिकों को तोहफा, अलग से रिजर्वेशन कराने की सुविधा। रेलवे वॉरंट लेकर यात्रा की जरूरत नहीं।

10. 125 लाख लोगों ने भीम ऐप बनाया। भीम के ऐप को बढ़ावा देने के लिए सरकार दो नए स्कीम लाएगी। रेफरल बोनस स्कीम और व्यापारियों के लिए कैश बैक स्कीम। भीम ऐप, पेट्रोल पंप से लेकर सड़क परिवहन कार्यालयों तक के बढ़ावे के लिए कोशिशें की जा रही हैं।

11. हाइवे के लिए 64 हजार करोड़ रुपये के लिए प्रावधान। भारत नेट योजना के लिए 10 हजार करोड़। विदेश निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए FIPB को खत्म किया गया। यही विदेशी निवेश के प्रस्ताव को मंजूर करता था।

12. भगोड़ों की संपत्ति जब्त करने के लिए कानून में बदलाव किया जाएगा।

13. गांवों के लिएः ग्रामीण एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 2017-18 में 1,87,223 करोड़ रुपये का प्रावधान। दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के लिए 2017-18 में 2,814 करोड़ रुपये। 2017-18 में मनरेगा के लिए 48,000 करोड़ रुपये का प्रावधान। 2016-17 में इसके लिए 38,500 करोड़ रुपये रखे गए थे।

14. खेती-किसानीः 10 लाख करोड़ रुपये के कृषि ऋण का लक्ष्य। फसल बीमा के लिए 9 हजार करोड़। नाबार्ड के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान। नाबार्ड के तहत सिंचाई के लिए लंबे टर्म के लिए 30 हजार करोड़ को बढ़ाकर 40 हजार करोड़ किया गया। बजट में मनरेगा का आवंटन बढ़ाकर 48 हजार करोड़ रुपये किया गया।

15. 3500 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बनाई जाएगी। 2019 तक सभी ट्रेनों में बायो टॉइलट होंगे। पर्यटन और तीर्थयात्रा के लिए अलग ट्रेनें। कैशलेस रिजर्वेशन 58 से बढ़कर 68 पर्सेंट हो गया है। ई-टिकट पर सर्विस टैक्स नहीं लगेगा।

16. वरिष्ठ नागरिकों के लिए LIC की नई पेंशन योजना। हर साल 8 साल का अश्योर्ड रिटर्न मिल पाएगा।

17. SC समुदाय के लिए 52 हजार करोड़ रुपये का इजाफा किया गया है। अल्पसंख्यकों के लिए 4 हजार करोड़ से ज्यादा का प्रावधान।

18. झारखंड और गुजरात राज्य में नए AIIMS बनाए जाएंगे। 2025 तक टीबी और 2018 तक चेचक खत्म करेंगे।

19. 4000 करोड़ रुपये की संकल्प योजना। CBSE नई परीक्षा नहीं लाएगी। IIT जैसी परीक्षाओं और नैशनल एंट्रेंस टेस्ट के लिए नई बॉडी

20. युवाओं के लिए 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान। शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े ब्लॉक पर नजर रहेगी।

21. इन 10 बड़ी बातों पर फोकस -किसान, गांव,युवा, गरीब, इन्फ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय क्षेत्र, डिजिटल इंडिया, पब्लिक सर्विस, खर्च पर संयम और सरल टैक्स।

22. हम महंगाई दर को नीचे लाए। मुद्रास्फीति भी घटी है। 2017 में विकास दर बढे़गी।

23. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट भाषण के शुरुआत में बदलाव को अपनाने के लिए कहा। उन्होंने यह शायरी पढ़ी- जो बात नई है, उसे अपनाइए आप। डरते हैं क्यों नई राह पर चलने से, हम आगे आगे चलते हैं, आइए।

24. दुनिया भर में एफडीआई घटी है, भारत में यह बढ़ी है। इम्पोर्ट भी बढ़ा है। चालू खाते का घाटा घटा है।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

Related Articles

12 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button