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मंदसौर: 7 साल की रेप पीड़ित बच्ची के दर्द सुनकर कांप जाती है रूह, कहा- मुझे ठीक कर दो या मार डालो

मध्यप्रदेश :मंदसौर में 26 जून की घटना पूरी मानवता को शर्मसार कर देने वाली है, स्कूल से छुट्टी के बाद लौट रही 7 साल की बच्ची ‘निर्भया’ को दरिंदों ने नोच डाला, ‘निर्भया’ का इलाज  इंदौर के एमवाई हॉस्पिटल में चल रहा है, जहाँ वो जिंदगी और मौत के बिच जूझ रही है. ‘निर्भया’ के दर्द का अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता.उसके दर्द की  कल्पना कर के रूह काँप जाती है, 7 साल की मासूम दर्द से इतना तड़प रही थी कि उसके शब्द सुनकर मां का कलेजा कांप उठा, “मां मुझे ठीक कर दो या मार डालो।”

बच्ची इतनी डरी हुई है, की माँ को छोड़ ही नहीं रही, अगर इंजेक्शन देने की कोशिश की जाती है जो डर से सहम जाती है, मासूम सी ‘निर्भया’ को इंसान रूपी जानवरों ने नोच डाला है, मासूम के चेहरे पर हैवानियत के ऐसे निशान हैं कि देख के दिल दहल जाए, जगह-जगह दरिंदे के दांत गड़े हुए हैं। बच्ची के सिर, चेहरे और गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया गया है, उसके नाजुक अंगों को बुरी तरह जख्मी कर दिया गया है l

शरीर पे जख्म इतने गहरे है की क्षतिग्रस्त नाजुक अंगों को दुरुस्त करने के लिये उसकी अलग-अलग सर्जरी की गयी हैं। कॉलोस्टोमी के जरिये उसके मल विसर्जन के लिये अस्थायी तौर पर अलग रास्ता बनाया गया है, 10 डॉक्टर्स की टीम लगातार बच्ची के इलाज पे नज़र रख रही है, डॉक्टर ने कहा कि फिलहाल बच्ची की हालत खतरे से बाहर है, बच्ची को ठीक होने में कम से कम दो हफ्ते और लग सकते है l

इधर दो दरिंदों  को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, मंगलवार  को स्कूल खत्म होने के बाद स्कूल से बाहर पिता का इंतजार कर रही बच्ची को लड्डू खिलाकर फुसला लिया था और जंगल की ओर ले गया था. जहाँ दोनों दरिंदों ने मिल के बच्ची के साथ हैवानियत बरती l उसमे से एक का नाम इरफान है, दूसरा का नाम आसिफ है, बाल आयोग के सदस्य ब्रजेश चौहान बच्ची का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही। कई सांसदों और विधायकों ने आरोपी के खिलाफ फांसी दिए जाने की मांग की।तथा इस मुद्दे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की l

मामले के आरोपी इरफान के गांव रिंगनोद के निवासियों ने कहा है कि फांसी के बाद इरफान का शव गांव में नहीं दफनाने देंगे। घटना से हताश आक्रोशित लोग सड़क पे उतर आए बच्ची के साथ बलात्कार और हैवानियत करने वाले इन दोनों आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए , रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।

फिलहाल आलम ये है की कुछ राजनेताओं का आरोप है, की कुछ राजनितिक पार्टियां इसे सांप्रदायिक और  राजनितिक रंग देने की कोशिश कर रही है, मगर आए दिन तेजी से हो रही ऐसी घटनाओं के तरफ साथ मिलकर किसी पार्टी ने बड़े कदम नहीं उठाये l न जाने अभी कितनी और निर्भया और इसी तरह नर्क के गर्त में डूबती रहेंगी l

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