उत्तर प्रदेश

भाजपा विधायक ओमकुमार ने नगर पालिका का निरीक्षण किया

(फैसल खान ब्यूरो चीफ SBT बिजनौर):नहटौर भाजपा विधायक ओमकुमार ने नगर पालिका का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान सफाई कर्मचारियों की समस्याएं सुनी तथा पालिका परिसर का निरिक्षण किया एवं तीन दिन के भीतर सफाई आदि कार्यो को दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए।
शुक्रवार की सुबह विधायक ओमकुमार अपने समर्थकों के साथ नगर पालिका पहुँचे तथा वहां उन्होंने पालिका में तैनात सभी कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर की जांच की।उसके बाद कार्यलय में बैठकर सफाई कर्मचारियों व अन्य लोगो को समस्याएं सुनी और उनका तुरन्त निस्तारण करने के निर्देश दिए।उन्होंने नगर में होने वाली गंदगी,खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट तथा नगर में लगे खराब ठंडे पानी के फ्रीजर को लेकर बेहद नारजगी व्यक्त करते हुए सभी कार्यो को सुचारू रूप से तीन दिन में सुधारने के सख्त निर्देश दिए ऐसा न होने पर जई मनीष वैध,बाबू मकसूद व घनश्याम के विरुद्ध कार्यवाही कि चेतावनी दी।उन्होंने कहा कि अब सभी को काम करना पड़ेगा पहले वाले ढर्रे को छोड़ना होगा।उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य देश को स्वछ देश बनाने का है जो हमे हर हाल में पूरा करना है गदगी से बीमारिया फैलती है बच्चे बीमार होते है।उन्होंने नगर नहटौर को स्वच्छ बनाने पर विशेष ध्यान दिया।उन्होंने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कोई भी कर्मचारी किसी के भी घर पर काम नही करेगा और जो कर्मचारी जिस पद पर तैनात है वो कर्मचारी वो ही काम करेगा और अगर कोई ऐसा नही कर सकता तो वह कर्मचारी अपने घर बैठे।उसके बाद उन्होंने पालिका परिसर का दौरा किया तथा वहां पर हो रही गंदगी को तुरन्त साफ करने तथा आज ही नगर नहटौर में मच्छरों से निजात पाने व बीमारी ना हो उसके लिए दवाई छिड़कने व उसकी वीडियो ग्रफी करने के निर्देश दिए।इस मौके पर जिला महामंत्री मुकेन्द्र त्यागी,जिला कोषध्यष युवा मोर्चा वैभव गोयल,नगर अध्यक्ष महावीर सैनी,उपाध्यक्ष अंकुश अग्रवाल,विधानसभा उपाध्यक्ष आईटी विभाग ऋषभ जैन,सावन वाल्मीकि,ईओ इंद्रपाल सिंह,कोतवाल चन्द्रकिरण,अरविंद चौधरी,नरेश चैयरमैन आदि मौजूद रहे।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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