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मेरठ :भाजपा नेता के पिता की कोरोना से मौत…मचा हडकंप ..संजीव बालियान,राजेन्द्र अग्रवाल,अश्वनी त्यागी समेत कई विधायक भी होम क्वारंटाइन

मेरठ-भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल के करीबी भाजपा नेता के पिता की गुरूवार रात मौत हो जाने से मेरठ में हडकंप मच गया है |इस मौत से मेरठ के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी सनसनी फ़ैल गयी,ज़्यादातर जिम्मेदार लोगों ने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है,जिनमे मुजफ्फरनगर के सांसद और मंत्री संजीव बालियान समेत मेरठ के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी,भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी आदि शामिल है |महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल और उनके परिवार को हस्तिनापुर में क्वारंटाइन करा दिया गया है |मेरठ में अब तक कोरोना से 4 की मौत हो चुकी है |आज भी मेरठ में एक नया कोरोना संक्रमित मरीज मिला है,जिसके बाद कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 86 हो गयी है |कई अधिकारियों के भी खुद को होम क्वारंटाइन कर लिए जाने की खबर है

भाजपा के महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल के एक नजदीकी  भाजपा नेता समेत उनके भाई और पिता के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिलते ही मेरठ में हडकंप मच गया था क्योंकि वो करीबी हर समय महानगर अध्यक्ष के साथ ही रहता है और मुजफ्फरनगर के सांसद और केन्द्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान व मेरठ के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल समेत जिले के प्रमुख भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मेरठ में सामुदायिक रसोई और राशन वितरण आदि की व्यवस्था देखने समेत अनेक कार्यक्रमों में भी साथ था |उस भाजपा नेता के साथ ही उसका भाई व पिता भी कोरोना संक्रमित आये थे जिन्हें आइसोलेसन में रखा हुआ है, जहाँ गुरुवार रात  9.45  पर भाजपा नेता के पिता की मृत्यु हो गयी है,जिसके बाद मेरठ में सनसनी फ़ैल गयी है |

बुधवार को ये जानकारी सामने आने के बाद कि महानगर अध्यक्ष के करीबी नेता,पार्टी की कार्यकारिणी के सदस्य और उसके पिता व भाई को कोरोना संक्रमण है,तो हडकंप मच गया था और तुरंत ही महानगर अध्यक्ष व उनके परिवार के दो सदस्यों समेत क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी, विधायक सोमेन्द्र तोमर, सत्यप्रकाश अग्रवाल सहित छह अन्य भाजपा नेताओं का सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया था।जिसकी रिपोर्ट गुरूवार को आनी थी,गुरूवार को दोपहर में महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल समेत सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आने से लोगों ने राहत की सांस भी ली थी ,लेकिन रात ये खबर सामने आने के बाद कि सहयोगी भाजपा नेता के पिता की कोरोना से मृत्यु हो गयी है, फिर से सनसनी की स्थिति पैदा हो गयी |मेरठ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राजकुमार ने बताया कि करीब 300 लोगों को संक्रमण का खतरा हो सकता है जो साबुन गोदाम के पॉजिटिव मरीज के संपर्क में रहे है,इसलिए उन सभी की सूची बनाकर उन्हें जांच और होम क्वारंटाइन के लिए कहा जा रहा है | केन्द्रीय मंत्री डॉक्टर संजीव बालियान भी एक दिन मेरठ में महानगर अध्यक्ष की गाडी में ही घूमे थे ऐसे में उन्हें भी तुरंत ही क्वारंटाइन के लिए कह दिया गया था |डॉक्टर संजीव बालियान ने तो ये जानकारी मिलते ही दिल्ली में अपने सरकारी आवास पर खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है,इनके अलावा मेरठ के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल,विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल,सोमेन्द्र तोमर,सरोजनी अग्रवाल समेत अध्यक्ष अश्वनी त्यागी व मेरठ के कई आला अफसर भी जांच की जद में आ गए है ,जिनकी रिपोर्ट आज दिन में नेगेटिव आई है उन्हें भी एहतियातन होम क्वारंटाइन की सलाह दी गयी है,लेकिन शहर में पैदा हुए माहौल को लेकर सभी ने अपने आप को खुद ही घर में कैद कर लिया है और क्वारंटीन में चले गए हैं।उक्त भाजपा नेता के संपर्क में आये कई अधिकारियों के भी होम क्वारंटाइन कर लेने की खबर है | भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी ने महानगर व जिले के सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि जो भी इस दौरान ऐसे कार्यक्रमों में शामिल रहे हैं जहां कोरोना संक्रमित पाए गए महानगर कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे थे। वह स्वयं आगे आकर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें और अपनी जांच करा लें। ताकि इस संक्रमण को रोका जा सके और इसी के साथ समय रहते सभी अपना इलाज करा सकें।उन्होंने सभी से एहतियात बरतने की अपील की है |

 

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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