उत्तर प्रदेश

मदरसे के कारी को अवैध उगाही के आरोप में पकड़ा

सांकेतिक फोटो

बिजनौर

कासमपुरगढ़ी  में मदरसा वासिफुल उलूम के कारी को मदरसे की कमेटी ने मदरसे के नाम पर अवैध उगाही के सबूतों के साथ पकड़ लिया। आरोपी कारी के खिलाफ पुलिस में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप है कि मदरसे का कारी लंबे समय से फर्जी रसीद बुक व मुहर बनवाकर गांव-गांव अवैध उगाही कर रहा था। पुलिस ने मामला संज्ञान में होने से इंकार किया है। कमेटी ने कारी से रसीद व मुहर बरामद की है।

मदरसे नाजिम कारी मो. याकूब ने बताया कि दो दिन पहले उनके पास ग्राम सदनपुर (नूरपुर) के मौलाना तजम्मुल साहब ने फोन कर बताया कि आपके मदरसे का कारी रईस अहमद निवासी मेघपुर फर्जी रसीद बुकों से मदरसे के नाम पर चंदा कर रहा है। मामला संज्ञान में आने के बाद मदरसे की कमेटी ने मामले की अपने स्तर से  जांच शुरू कर दी। शनिवार को मदरसा कमेटी ने कारी रईस अहमद को उसके घर पर पकड़ लिया। कमेटी ने उसके घर से मदरसे के नाम सौ बुक छपी हुई एवं मुहर बरामद की है। आरोप है कि कारी ने कबूल किया है कि उसने तीन साल में करीब छह लाख रुपये की उगाही की है। आठ रसीद बुक पूरी कटी हुई मिली है। इस दौरान कारी कमेटी के पदाधिकारियों को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने कारी से सामान बरामद की है और आरोपी के खिलाफ तहरीर दी गई है। उधर, कोतवाल राजकुमार शर्मा का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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