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प्रभारी मंत्री जिला बिजनौर की अध्क्षता में स्थानीय लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक, माननीय मंत्री ने शासन के निर्देशों का अनुपालन कराने तथा आमजन को आवश्यक वस्तुएं एवं सेवाओं की निर्बाध सेवा उपलब्ध कराने पर जिला प्रशासन की सराहना करते हुए उसे जारी रखने के दिए निर्देश

आज पूर्वान्ह लगभग 11 बजे मा0 राज्य मंत्री, व्यवसायिक शिक्षा एवं कोशल विकास विभाग/प्रभारी मंत्री जिला बिजनौर की अध्क्षता में स्थानीय लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उन्होनंे जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि जिले में कोराना वायरस से आमजन को सुरक्षित रखने के लिए लाॅकडाउन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं तथा इसी के साथ यह भी सुनिश्चित करें कि जिले में एक भी व्यक्ति भूखा न रहे। उन्होनंे कहा कि कोरोना वायरस पर प्रभावी रूप से निंयंत्रण स्थापित करने के लिए शासन द्वारा लाॅकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया गया है, ताकि जनमानस अपने-अपने घरों में सुरक्षित रूप से रहें और आवश्यकता पड़ने पर मास्क का प्रयोग करते हुए घर से बाहर निकलें। उन्होंने शासन के निर्देशों का अनुपालन कराने तथा आमजन को आवश्यक वस्तुएं एवं सेवाओं की निर्बाध सेवा उपलब्ध कराने पर जिला प्रशासन की सराहना करते हुए उसे जारी रखने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय ने प्रभारी मंत्री को जिला प्रशासन की ओर से की जाने वाली व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई और बताया कि सुव्यवस्थित और निर्वाध रूप से सभी आवश्यक सेवाएं संचालित की जा रही हैं तथा असहाय लोगों को पका हुआ खाना तथा अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। उन्होनंे यह भी बताया कि जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामवासियों को माईक्रो एटीएम की माध्यम से डाक विभाग द्वारा नक़द धनराशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा शुरू कराई जा रही है, ताकि ग्रामवासी अपने ही गांव में नक़द धनराशि प्राप्त कर सकें और उन्हें शहरी क्षेत्र में न आना पड़े।
बैठक में जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मिकी सहित अन्य अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि मौजूद थे।

 

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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