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वेटरन एक्ट्रेस वीणा कपूर की बेटे ने की हत्या, प्रॉपर्टी के लिए मां को उतारा मौत के घाट

वेटरन एक्ट्रेस वीणा कपूर (Veena Kapoor) की 74 साल की उम्र में हत्या हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि उनकी हत्या उनके बेटे ने प्रॉपर्टी के लिए कर दी है। पुलिस ने वीणा कपूर के हत्या के आरोपी बेटे सचिन कपूर को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के बाद आम से लेकर खास तक सभी को गहरा झटका लगा है। वीणा कपूर की हत्या के बाद लोगों को यकीन नहीं हो रहा है कि एक बेटा प्रॉपर्टी के लिए मां की इतनी बेरहमी से हत्या कैसे कर सकता है? वहीं, एक्ट्रेस नीलू कोहली ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट शेयर कर वीणा कपूर की हत्या पर दुख जताया है।

वीणा कपूर की हत्या कर बेटे ने शव नदी में फेंका

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीणा कपूर मुंबई के जुहू इलाके में कल्पतरु सोसाइटी के एक फ्लैट में रहती थीं। उनका छोटा बेटा सचिन इन दिनों कुछ काम नहीं कर रहा था और अपनी मां के साथ रहने लगा था। बताया जा रहा है कि सचिन कपूर का अपनी मां वीणा कपूर के साथ करोड़ रुपये के फ्लैट को लेकर विवाद हो गया। जब बात ज्यादा बढ़ गई तो सचिन कपूर ने गुस्से में अपनी मां वीणा कपूर के सिर पर बैट से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद उनके शव को नदी में फेंक दिया। Also Read – ‘बेफ़िक्रे’ का प्रमोशन शुरू, रणवीर सिंह और वाणी कपूर मास्टर शेफ़ के किचेन में पहुंचे!

वीणा कपूर का आरोपी बेटा गिरफ्तार

रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि वीणा कपूर का एक बेटा यूएस में रहता है और उसने कॉल किया तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उनसे पड़ताल की तो उसे कुछ ठीक नहीं लगा तो उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस जांच में जुटी तो सच सामने आया और आरोपी सचिन कपूर गिरफ्तार कर लिया गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया है कि मां की हत्या कैसे की और क्यों की।

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Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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