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उत्तरप्रदेश में लॉकडाउन के उल्लंघन पर अब तक 12236 एफआईआर दर्ज, फर्जी खबर फैलाने पर 78 एफआईआर

राजेश तिवारी विशेष संवाददाता लखनऊ : उत्तरप्रदेश  में लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। इसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर अब तक 12236 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 31,216 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, फर्जी खबर फैलाने पर अब तक 78 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि 15 जिलों के हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में मेडिकल, सैनिटाइजेशन और डोर स्टेप डिलीवरी टीमों के अलावा किसी अन्य को आवागमन की अनुमति नहीं दी गई है। जिलों के पुलिस व प्रशासन के अफसरों को इस संबंध में स्पष्ट आदेश दे दिए गए हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की है कि चिकित्सा विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और अपने चेहरे को मास्क, रुमाल, गमछा या दुपट्टे से अनिवार्य रूप से ढकें। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से निजात पाने और लॉकडाउन को शीघ्र खोले जाने के लिए आवश्यक है कि लोग घरों से न निकलें और लॉकडाउन का पूर्णतया पालन करें।

प्रदेश में अब तक कोरोना के 410 मामले आए
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि अब तक प्रदेश के 40 जिलों से 410 कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं जिनमें से 31 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। कुल पॉजिटिव पाए गए मरीजों में 221 मरीज तब्लीगी जमात के हैं।

Aslam Khan

हर बड़े सफर की शुरुआत छोटे कदम से होती है। 14 फरवरी 2004 को शुरू हुआ श्रेष्ठ भारतीय टाइम्स का सफर लगातार जारी है। हम सफलता से ज्यादा सार्थकता में विश्वास करते हैं। दिनकर ने लिखा था-'जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध।' कबीर ने सिखाया - 'न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर'। इन्हें ही मूलमंत्र मानते हुए हम अपने समय में हस्तक्षेप करते हैं। सच कहने के खतरे हम उठाते हैं। उत्तरप्रदेश से लेकर दिल्ली तक में निजाम बदले मगर हमारी नीयत और सोच नहीं। हम देश, प्रदेश और दुनिया के अंतिम जन जो वंचित, उपेक्षित और शोषित है, उसकी आवाज बनने में ही अपनी सार्थकता समझते हैं। दरअसल हम सत्ता नहीं सच के साथ हैं वह सच किसी के खिलाफ ही क्यों न हो ? ✍असलम खान मुख्य संपादक

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